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बिना आधार कार्ड के भी विद्यार्थियों के खाते में आएगी छात्रवृत्ति और भत्ता राशि

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सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को बिना आधार कार्ड के भी छात्रवृत्ति और भत्ते के लाभ मिल सकेगा। जिन बच्चों के आधार कार्ड नहीं बना पाए हैं, उनके स्कूल के अध्यापक पात्रता को पत्र और बैंक खाते को सत्यापित करके निदेशालय को भेजेंगे। विभाग की ओर से छात्रवृत्ति की ये राशि उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी।
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निदेशालय ने राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के आधार नंबर की बजाय अब बैंकों के खातों के माध्यम से राशि डालने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के पात्र विद्यार्थियों व अन्य विद्यार्थियों के खाते एमआईएस पोर्टल पर अपडेट किए जा रहे हैं। जिससे राशि का भुगतान अब सीधा पात्र के बैंक खाते में किया जाएगा। बता दें कि सरकार की ओर से मिलने वाली छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन योजना के लिए निदेशालय ने लाभार्थी विद्यार्थियों के बैंक खातों को आधार नंबर से लिंक कराने के आदेश दिए हैं। कई विद्यार्थियों के बैंक खाते से आधार कार्ड अपडेट नहीं हैं, जिसके चलते वे सत्यापित नहीं हो पा रहे। ऐसी स्थिति में विद्यार्थियों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ब्यूरो
इस विद्यार्थी को इतना मिलता है कैश अवार्ड
कैश अवार्ड स्कीम में पहली में 740, दूसरी में 750, तीसरी में 960, चौथी में 970 और पांचवीं में 980 रुपये प्रत्येक विद्यार्थी को दिए जाते हैं। कक्षा छठी से आठवीं तक 1260 रुपये दिए जाते हैं, ये राशि बच्चों के बैंक खाते में आती है। राशि को मांग पत्र के साथ जो वाउचर भेजे जाते हैं, उस पर सक्षम अधिकारी हस्ताक्षर करते हैं।
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वर्दी या बैग के लिए इतनी मिलती है राशि
- पहली से आठवीं तक के बच्चें के लिए निशुल्क वर्दी योजना है। पहली से पांचवीं कक्षा तक हर बच्चे को 800 रुपये और छठी से आठवीं तक एक हजार प्रति विद्यार्थी दिए जाते हैं।
- नॉन एससी वर्ग को मुफ्त बैग और लेखन सामग्री दी जाती है। कक्षा पहली से पांचवीं तक 100 रुपये और छठी से आठवीं तक के विद्यार्थी के लिए 150 रुपये प्रति विद्यार्थी दिए जाते हैं।
- छठी कक्षा के एससी बच्चों के लिए साइकिल के भी राशि दी जाती है।
वर्जन-
बच्चों के बैंक खातों की डिटेल निदेशालय के पास भेजी जा रहे हैं। इन्हें पोर्टल पर अपडेट करने के बाद सभी बच्चों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। - राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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