करनाल। राजकीय महिला महाविद्यालय में एक दिवसीय प्राथमिक चिकित्सा एवं आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण युवा रेड क्रॉस की पहल पर शिविर का आयोजन किया गया। इसमें डॉ. विवेक रंगा ने बताया कि प्राथमिक चिकित्सा का पहला उद्देश्य संकट में फंसे लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करना है ताकि समय पर चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित की जा सके। सीमित संसाधनों के साथ प्राथमिक चिकित्सा देकर जीवन को बचाया जा सकता है।
रेड क्रॉस अधिकारी डॉ सुमन चौधरी ने युवाओं को प्राकृतिक और मानव निर्मित दोनों आपदाओं में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी और कहा कि प्रशिक्षित व्यक्ति राहत सामग्री वितरित करने, प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने और आपदा के पहले तैयार रणनीतियों को लागू करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। सत्र का संचालन कर रहे रेड सोसाइटी के प्रशिक्षक श्वेता धीमान ने आवश्यक प्राथमिक उपचार तकनीक का प्रदर्शन किया। उन्होंने विशेष रूप से कॉर्डियोपलमोनरी रिससिटेशन (सीपीआर.) पर ध्यान केंद्रित किया और हृदय संबंधी आपदा स्थितियों के दौरान जीवन बचाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया। इसके अतिरिक्त उन्होंने आपदा स्थितियों के दौरान आवश्यक विभिन्न सुरक्षा उपायों तथा त्वरित प्रतिक्रिया तकनीक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिविर का आयोजन सुभाष शर्मा के दिशा-निर्देश में किया गया। शिविर में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।