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काला पानी के सावरकर समेत 3.27 लाख शहीदों की मिट्टी को किया नमन

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करनाल। अंडमान निकोबार (काला पानी) की जिस माटी में आजादी के 3.27 लाख दीवानों ने हंसते-हंसते शहादत दे दी, वहां की मिट्टी को नमन कर भाजपा की अमृत महोत्सव यात्रा वापस लौट आई। मां भारती के सपूतों के लहू से सुगंधित काला पानी की मिट्टी लेकर सोमवार को करनाल पहुंचे भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा का भाजपा नगर कार्यालय पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यहीं पर मिट्टी रखी गई, जिसे सभी ने माथे पर लगाकर नमन किया।
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28 दिसंबर को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ की अगुवाई में अमृत महोत्सव यात्रा अंडमान निकोबार द्वीप (काला पानी) गई थी। वहां अंग्रेजी सरकार आजादी के दीवानों को काला पानी की सजा देकर भेजती थी। यह यात्रा एक जनवरी को वापस लौटी। इसमें हरियाणा के सभी जिलाध्यक्षों सहित कई प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी भी शामिल थे। भाजपा के करनाल जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा शहीदों की मिट्टी लेकर सोमवार को भाजपा के नगर कार्यालय पहुंचे। इस मौके पर योगेंद्र राणा ने कहा कि तिरंगे के सम्मान के लिए हमारे देश के वीर सावरकर जैसे न जाने कितने महानायकों ने यातनाओं को झेला मगर वह झुके नहीं। तिरंगे की शान को बरकरार रखा। इसका उदाहरण अंडमान निकोबार द्वीप समूह में देखने को मिला। वहां पता चला कि उस दौरान तीन लाख 27 हजार वीरों ने आजादी के लिए बलिदान दिया था, लेकिन दुख उन्हें इस बात का है कि काला पानी के शहीदों को इतिहास के पन्नों पर वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसके वह हकदार थे। 30 दिसंबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अंग्रेजों को वहां से भगाकर अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर झंडा फहराया था। काला पानी के शहीदों को वहां पर मिट्टी भी नसीब नहीं हो पाती थी। फांसी की प्रक्रिया होने पर शहीदों के शव को समुद्र में बहा दिया जाता था। सभी को जीवन में एक बार इस तीर्थ के दर्शन करने चाहिए। इस मौके पर विधायक हरविंद्र कल्याण, मेयर रेणू बाला गुप्ता, मुख्यमंत्री प्रतिनिधि संजय बठला, भगवान दास अग्घी, सीनियर डिप्टी मेयर राजेश अग्घी, जगदेव पाढा, कृष्ण गर्ग आदि शामिल रहे।
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