अंबाला। छावनी के रामबाग गोशाला स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया। कथा के दूसरे दिन रविवार को अंतरराष्ट्रीय कथावाचक कमल नयन महाराज ने श्रद्धालुओं को प्रवचन सुनाए। कथा का रसपान कराते हुए उन्होंने भक्ति, वैराग्य और ज्ञान के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वैराग्य और ज्ञान की प्राप्ति वृंदावन में वृद्ध अवस्था में हुई और भक्ति युवा अवस्था में आ गई। इस दौरान वृंदावन में जब नारद का आगमन हुआ तो वह यह देखकर आश्चर्य चकित हुए कि माता युवा अवस्था में और पुत्र वृद्ध अवस्था को कैसे प्राप्त हुए। तभी भक्ति माता ने नारद से अनुरोध किया कि वह मेरे पुत्रों की वृद्ध अवस्था को पुन: युवा अवस्था में लाएं, नहीं तो वह देश छोड़कर विदेश चली जाएंगी। इसके बाद नारद बद्रीनाथ धाम गए।
यहां पर उन्होंने सनक सनंदर और सरद कुमार ऋषियों से निवेदन किया कि वह भक्ति ज्ञान और वैराग्य को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराकर उनके दुखों का हरण करें। इसके बाद भक्ति, वैराग्य और ज्ञान हरिद्वार आए। इसके साथ ही सरद कुमार ऋषि भी हरिद्वार आए। यहां पर उन्होंने भक्ति,वैराग्य और ज्ञान को श्रीमद् भागवत कथा श्रवण करवाई। श्रीमद् भागवत कथा सुनने के बाद ज्ञान और वैराग्य के दुख दूर होते हैं। यदि हम सच्चे दिल से श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करेंगे तो हमारे भी समस्त दुखों का नाश होगा।
छावनी के रामबाग गोशाला स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराते अंतरराष