माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। लघु सचिवालय के सभागार में सोमवार को जिला स्तरीय एनकॉर्ड की बैठक आयोजित की गई। अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा नशा समाज के लिए एक गंभीर समस्या है। नशे की प्रवृत्ति रोकने के लिए स्कूल व कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाएं।
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थाओं के अध्यापक व प्रोफेसर नशे से ग्रसित विद्यार्थियों की पहचान करें और नशा ग्रस्त पाए जाने वाले विद्यार्थियों को परामर्श दें। बच्चों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक दुकानों, क्लबों और अहातों में जांच की जाए और नशा पाए जाने पर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
धाकड़ कार्यक्रम के तहत जिले में संचालित सभी शैक्षणिक संस्थानों में नशे की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजन किया जाए और स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के समय समय पर बैग चेक किए जाएं। अगर किसी बच्चे के पास कोई नशीला पदार्थ पाया जाता है तो इसकी सूचना उसके माता-पिता को दें।
उस बच्चे को उचित काउंसलिंग दिलवाई जाए। गैर-हाजिर रहने वाले बच्चों पर शिक्षक कड़ी नजर रखें और इसकी सूचना उनके अभिभावकों को भी दें। सभी नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित रूप से जांच कर ओपीडी रजिस्टर भी चेक करें। केंद्रों में सीसीटीवी भी चालू होने चाहिए।
उप- जिला न्यायवादी निखिल कुमार ने बताया कि नशे को लेकर 13 मामले दर्ज हुए। जिनमें से 10 को सजा हो चुकी है और तीन मामलों में बरी हो गए हैं। उन्होंने कृषि, पंचायत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे हर गांव में नशे के पौधे को जड़ से नष्ट करवाएं।