शायद बहुत से वाहन चालकों के लिए ट्रैफिक नियमों के मायने नहीं हैं। न उन्हें चालान का डर है और न ही जान का। कोई ओवरलोड होकर सड़क पर चलता है तो किसी के पास वाहनों के दस्तावेज पर पूरे नहीं है।
कोई तेज गति से वाहन को दौड़ाता है तो किसी ने हेल्पलाइन नंबर नहीं लिखे हैं। ये हम नहीं कह रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरटीए विभाग ने बीते 11 महीनों में यातायात नियमों की अवहेलना करने पर किए गए चालानों से तीन करोड़ 74 लाख 67 हजार रुपये की कमाई की है।
जिले में हादसों का सबब बनकर ओवरलोड वाहन सरपट दौड़ रहे हैं। दिन प्रतिदिन ओवरलोड वाहनों की तादात बढ़ती जा रही है। इस वजह से सड़कें टूट जाती हैं और उसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
आरटीए विभाग ने सैकड़ों ऐसे वाहनों के चालान किए हैं, जिनके पीछे महिला हेल्पलाइन नंबर नहीं लिखे गए थे।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पूरे देश में कामर्शियल वाहनों के पीछे महिला हेल्पलाइन नंबर लिखना अनिवार्य है।
वाहनों टायर के हिसाब से लोड डाला जाता है। 12 टायर वाले वाहन पर 31 टन, 10 टायर वाले वाहन पर 25 टन तथा छह टायर वाले वाहन 19 टन वजन ही लोड कर सकते हैं। लेकिन वाहन नियमों को ताक पर रखते हैं।
अप्रैल 2013 से फरवरी 2014 तक चालान और जुर्माना
महीना चालान जुर्माना लाखों में
अप्रैल 266 2,83,9000
मई 301 3,82,0000
जून 334 3,79,3000
जुलाई 329 4,23, 8000
अगस्त 304 3,86,8000
सितंबर 273 3,10,2000
अक्टूबर 295 3,08,6000
नवंबर 324 3,27,8000
दिसंबर 284 2,64,1000
जनवरी 281 3,13,2000
फरवरी 325 3,67,0000