माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कोरोना की तीसरी लहर खत्म हुए सवा साल से ज्यादा समय हो गया है, लेकिन करनाल रोडवेज के 51 चालक अब तक स्वास्थ्य विभाग की खड़ी कोविड एंबुलेंस पर ही ड्यूटी दे रहे हैं। जबकि चालकों की कमी के कारण रोडवेज की कई मार्गों पर बस सेवा प्रभावित है। महकमे में बसों की संख्या बढ़ने के बाद अब परिचालकों की कमी महसूस होने लगी है तो रोडवेज ने स्वास्थ्य विभाग से अपने चालक भी वापस मांगे हैं। विभाग का दावा है कि चालकों के वापस आते ही जिले के 40 से ज्यादा ग्रामीण और कई बड़े मार्गों पर परिवहन सेवा बढ़ेगी।
सवा साल से जिले के 70 मार्गों पर रोडवेज की बस सेवा प्रभावित है। इनमें से किसी भी मार्ग पर बसों की समयसारिणी के अनुसार निर्धारित फेरे नहीं लग रहे। ऐसे में पुराने बस स्टैंड के हर काउंटर पर यात्री बस के इंतजार में खड़े रहते हैं। किसी मार्ग पर बसों के दो तो किसी पर चार से छह फेरे अलग-अलग समय के घटे हैं। इसके पीछे बसों और चालकों की कमी भी वजह रही है। अब दो माह में रोडवेज के बेड़े में 45 नई बसें शामिल हो चुकी हैं पर चालकों की कमी बरकरार है। ऐसे में यदि स्वास्थ्य विभाग में गए चालक रिलीव होकर आते हैं तो 70 में से 40 मार्गों पर बस सेवा में इजाफा होगा।
पिछले सवा साल में कोरोना के मामले नाम मात्र के हैं। सरकार ने कोरोना गाइडलाइन के तहत जो पाबंदियां लगाई थी, वे भी हटा दी थी। ऐसे में रोडवेज के ये चालक भी अधिकांश समय खड़ी एंबुलेंस पर ही ड्यूटी करके घर लौट जाते हैं। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार एक जनवरी 2022 से करनाल डिपो के 51 बस चालकों को एंबुलेंस चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग में भेजा गया था। इन चालकों की करनाल के अलावा पानीपत और पंचकूला जिले में ड्यूटी निर्धारित है।
निजी बसों में नहीं चलाते पास, इसलिए परेशानी
बस स्टैंड पर खड़ी निसिंग की छात्रा सलोनी, इंद्री के विवेक और सोनम व कतलाहेड़ी के मुकेश ने बताया कि वे रोजाना कॉलेज में पढ़ाई के लिए आते हैं। निजी बसों के चालक उनके पास मान्य नहीं करते, ऐसे में रोडवेज की बसों में सफर करना उनकी मजबूरी है। लेकिन बस न मिलने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ता है। निजी बसों में टिकट को लेकर विवाद होता है। विभाग से बस सुविधा बढ़ाने की मांग की है।
चालक बोले, इमरजेंसी में भी छुट्टी लेने में हो रही परेशानी
करनाल डिपो में कुल 280 चालक हैं, जो रोडवेज की 111 बसों का संचालन करते हैं। 280 में से 51 चालक एंबुलेंस ड्यूटी पर हैं, ऐसे में 229 चालक ही बसों को सड़क पर दौड़ा रहे हैं। इन चालकों का कहना है कि 51 चालकों के जाने से उनका शेड्यूल भी बिगड़ा है। वे जरूरत के समय में या इमरजेंसी होने पर छुट्टी भी नहीं ले पा रहे हैं। कुछ मार्गों पर टाइम भी मिस किए गए हैं। बस सेवा भी प्रभावित हो रही है।
एंबुलेंस पर यहां लगी है ड्यूटी
जिला चालक
करनाल 24
पानीपत 06
यमुनानगर 21
कुल 51
हर मार्ग पर बेहतर बस सर्विस देने का प्रयास कर रहे हैं। पहली जनवरी 2022 को जिन 51 चालकों को स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस ड्यूटी पर भेजा था, वे अभी वापस नहीं आए हैं। इन्हें वापस भेजने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा है। कुछ मार्ग पर समयसारिणी प्रभावित भी है। चालकों के वापस आने पर कई मार्गों पर बस सेवा बढ़ेगी।
- कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक, करनाल डिपो