जिले के चार राइस मिल लगातार कई बार सीएमआर चावल देने की तिथि बढ़ाने के बावजूद करीब 45 करोड़ रुपये से अधिक का 1.30 लाख क्विंटल धान की आपूर्ति नहीं कर सके हैं। वहीं जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 37.14 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने के आरोपी सीएमआर चावल के बकायेदार दो राइस मिल मालिकों व उनके गारंटरों के खिलाफ घरौड़ा थाने में अमानत में खयानत व धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है। दोनों मिलों को सील कर कब्जे में ले लिया है। दो अन्य मिलों के खिलाफ पहले ही रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।
2019 में राइस मिलों को दिए गए धान के बदले सीएमआर का चावल भारतीय खाद्य निगम को वापस करने को केंद्र सरकार द्वारा दी गई अंतिम तिथि 15 अक्तूबर भी बीत गई लेकिन मिलर्स पूरा चावल वापस नहीं कर सके हैं। डीएफएससी निशांत राठी ने बताया कि अभी भी चार राइस मिलों पर 2019-20 में अनुबंध कर लिए गए धान के बदले 67 प्रतिशत की दर से देयता में करीब एक लाख क्विंटल से अधिक चावल बकाया है। इसमें दो मिलों पर तो पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है लेकिन घरौड़ा के जय हनुमान राइस एंड जनरल मिल्स पर 16.51 करोड़ रुपये कीमत का 47560 क्विंटल चावल व व एसएसजी फूड पर 20.62 करोड़ रुपये कीमत का 59400 क्विंटल बकाया रहा गया था। तय तिथि के बाद भी वापस न करने की स्थिति पर इसे अमानत में खयानत व धोखाधड़ी माना गया है।
विभागीय निरीक्षक राजेश सिंह की तहरीर पर घरौड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसमें एसएसजी फूड के मालिक सेक्टर-13 निवासी गौरव गुप्ता, उनकी माता सुनीता, गारंटर कुलदीप शर्मा (आढ़ती महावीर ट्रेडिंग कंपनी घरौड़ा) व राज कुमार (आढ़ती मान सिंंह एंड ब्रदर्स घरौड़ा) व जय हनुमान राइस एंड जनरल मिल के प्रोप्राइटर गौरव गुप्ता, गारंटर जय भगवान (आढ़ती-मै.जय भगवान राकेश कुमार घरौड़ा) व राज कुमार आढ़ती (मान सिंह एंड ब्रदर्स घरौड़ा) को नामजद किया गया है। डीएफएससी निशांत राठी ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के साथ घरौड़ा जाकर दोनों राइस मिलों को सील कर उन्हें अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।