सरकार को तय समय पर चावल उपलब्ध न करवाने वाले जिले के दस राइस मिलरों सहित इनके गारंटरों पर भी गाज गिरनी तय है। डीएफएससी की तरफ से इनको नोटिस जारी कर दिए हैं। अब चावल देने के लिए काफी मिलों में धान नहीं हैं और जिनके पास धान है उनकी नियम में खोट आया हुआ है। ऐसे में निर्धारित समय पर चावल उपलब्ध करवाना प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गया है। सरकार द्वारा जिले के राइस मिलरों को धान दी हुई है। इसके बदले राइस मिलरों ने 67 प्रतिशत चावल तय समय पर उपलब्ध करवाना होता है। जिले के दस राइस मिल ऐसे मिले हैं जो अभी तक 60 से 65 प्रतिशत चावल उपलब्ध करवा पाए हैं, जबकि अब तक 100 प्रतिशत का टारगेट पूरा हो जाना था।
अब 31 मई तक का अंतिम समय है और अब किसी राइस मिल ने 70 गाड़ियां सरकार को देनी हैं तो किसी ने 73। इस कम समय में इतनी गाड़ियों की व्यवस्था होना बहुत मुश्किल है। इसलिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने प्रशासन के सहयोग से राइस मिलरों को नोटिस जारी कर दिए हैं। यह नोटिस उन गारंटरों को भी भेजे हैं जो धान देने के समय इनकी जिम्मेदारी ली थी। अब 31 मई तक पूरा चावल उपलब्ध नहीं करवाने वाले राइस मिलरों को डिफाल्टर सूची में डाला जाएगा और उनसे रिकवरी लेने के लिए हर प्रकार की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह चेतावनी अधिकारियों ने नोटिस के माध्यम से दी है। अब अधिकारी समय पर चावल नहीं देने वाले राइस मिलरों के गारंटरों से संपर्क करने लगे हैं उनसे रिकवरी पूरी करने की प्रक्रिया में लगे हैं। ऐसे में राइस मिलरों के साथ गारंटरों की बेचैनी बढ़ गई है।
दस राइस मिलरों को देनी हैं 472 गाड़ियां
जिले के दस राइस मिलरों को 31 मई तक सरकार को 472 गाड़ी चावल की देनी हैं। एक गाड़ी में 50 किलोग्राम के 540 कट्टे चावल के आते हैं यानि 270 क्विंटल चावल प्रति गाड़ी देना है।
बैंक और प्रशासन लगे अपनी-अपनी रिकवरी करने में
राइस मिल भी बहुत चालाक हैं। उन्होंने बैंकों से लोन ले रखे हैं। अब सरकारी धान पर एक तरफ बैंक अपनी रिकवरी पूरी करने के लिए धान पर नजर लगाए हुए हैं। दूसरी तरफ खाद्य एवं आपूर्ति विभाग चावल लेने के लिए भागदौड़ में लगा है। ऐसा मामला निसिंग में सामने आ चुका है। यहां से भगवती राइस मिल से विभाग के अधिकारी चार करोड़ नौ लाख रुपये की रिकवरी कर चुके हैं, जबकि सरकारी धान पर करीब साढ़े पांच करोड़ रुपये लोन लिया हुआ था। अब अधिकारी इस मिल की अन्य धान की भी नीलामी करवाएंगे। ऐेसे में बैंक के अधिकारी परेशान हैं। क्योंकि जिस धान पर लोन ले रखा था वह विभाग उठा चुका है।
---
इन राइस मिलरों ने देनी हैं चावल की गाड़ियां
राइस मिल गाडिय़ां
रामदेव ट्रेडर्स करनाल 70
चौधरी फुड कुंजपुरा 73
जयबजरंग बली कुंजपुरा 17
लोर्ड कृष्णा राइस मिल घरौंडा 50
केटीसी राइस मिल निसिंग 28
श्रीनाथ जी इंटरप्राइज निसिंग 42
लक्ष्मी राइस मिल घरौंडा 30
श्रीराम राइस मिल असंध 50
शाइन ओवरसिज काछवा 66
शांति राइस मिल निसिंग 46
वर्जन
जिले के दस राइस मिलरों और इनके गारंटरों को नोटिस जारी कर चुके हैं। इन्होंने 31 मई तक पूरा चावल सरकार को उपलब्ध करवाना था। 31 मई के बाद इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। राइस मिलरों ने लिखित रूप से दिया हुआ है कि वह तय समय पर चावल उपलब्ध कराएंगे। समय सीमा निकलने पर प्रशासन कार्रवाई कर सकता है।
-निशांत राठी, डीएफएससी, करनाल।