दून वैली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में रिजल्ट नहीं मिलने से गुस्साए विद्यार्थियों ने बुधवार को कॉलेज के गेट पर ताला जड़ दिया और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि कॉलेज की एफिलेशन ही नहीं हुई है, इसके बावजूद भी कॉलेज प्रबंधन ने धोखे से उनका दाखिला कर लिया।
मौके पर पहुुंचे डीएसपी सिटी सुनील कुमार ने विद्यार्थियों को कॉलेज प्रबंधन के साथ विश्वविद्यालय में जाकर मामले की सच्चाई जानने की सलाह दी लेकिन जब कॉलेज के चार छात्र चेयरपर्सन के पुत्र रोहित गुप्ता के साथ विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार व वाइस चांसलर के पीए के पास पहुंचे तो उन्होंने बताया कि इस कॉलेज की एफिलेशन नहीं हुई है।
यह कार्रवाई प्रोसेस में है। इसके चलते विद्यार्थियों के रिजल्ट को रोका गया है। विद्यार्थियों ने वीरवार को भी कॉलेज पर ताला जड़कर कक्षाएं नहीं लगाने का ऐलान किया है। बुधवार को सिविल इंजीनियरिंग विभाग के 300 विद्यार्थियों के समर्थन में सारे कॉलेज के विद्यार्थी आ गए। छात्रों ने कॉलेज के गेट पर दिनभर ताला जड़े रखा।
विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने उनके साथ धोखा किया है। कॉलेज परिसर में डाइट व दून वैली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग कॉलेज चलाया जा रहा है। उन्होंने पुराने कॉलेज डाइट में दाखिला लिया था लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने उनका माइग्रेशन दून वैली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग कॉलेज में कर दिया है।
अभी मान्यता ही नहीं मिली कॉलेज को
दून वैली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग कॉलेज विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है। इसके चलते पिछले तीन साल से आज तक किसी भी छात्र का पंजीकरण कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा नहीं किया गया है। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें फर्जी डीएमसी दी जा रही है।
कॉलेज छात्र यूनियन के प्रधान सुमित ढुल, रोहित सचदेवा, हरविंदर सिंह व परमजीत ने बताया कि वे कॉलेज की चेयरपर्सन के पुत्र रोहित गुप्ता के साथ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में गए थे। रजिस्ट्रार व वीसी के पीए ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कॉलेज का एफिलेशन अभी तक नहीं किया गया है। जब कॉलेज का एफिलेशन ही नहीं हुआ तो इसके बावजूद भी कॉलेज प्रबंधन ने उनका धोखे से दाखिला कर लिया।
तीन साल में भी नहीं हुआ पंजीकरण
बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे गेट पर ताला जड़ा गया, ताला तो दोपहर बाद खोल दिया गया लेकिन कॉलेज में पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई थी। सिविल विभाग के छात्र प्रवीन नरवाल, रमन कुमार, अमित मेहता, अमन कुमार, भूपेंद्र भारती, पुरुषोत्तम, राजकुमार, रवि कश्यप, विजय, मोहित, सचिन, मनीष पांडे, कृष्ण दिवान, ईश्मसिंह, माधव कुमार, प्रतीक सिंह, मनीश यादव, जगदीश कुमार, अक्षय बंसल व अजय कुमार ने बताया कि पिछले तीन साल से छात्र पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन आज तक विश्वविद्यालय में किसी का भी पंजीकरण नहीं हुआ है।
अधिकतर विद्यार्थियों का दूसरे सेमेस्टर का रिजल्ट भी नहीं आया। हालांकि सभी विभागों के रिजल्ट को आए दो माह से ज्यादा बीत गए हैं। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन उन्हें पिछले कई समय से लगातार बरगला रहा है। वहीं, कालेज प्रबंधन का कहना है कि किसी कारण से 30 बच्चों का रिजल्ट रुका है। अन्य कोर्सों में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में जाकर विद्यार्थियों के रिजल्ट का स्टेटस पता किया जाएगा।
विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़
जिस प्रकार से परीक्षा परिणाम में देरी हो रही है, उससे कॉलेज प्रबंधन पर सवालिया निशान खड़ा होना स्वाभाविक है। परीक्षा परिणाम नहीं आने के कारण विद्यार्थी अपने आप ठगे से महसूस कर रहे हैं। रोहित, रविंद्र, अक्षय, सुमित, उमेश, रवि, राकेश, अमन, साइन, गौरव, विकास ने बताया कि रिजल्ट के विषय पर 25 सितंबर से उन्हें बहकाया जा रहा है लेकिन आज मजबूर होकर उन्होंने यह कदम उठाना पड़ा। जब तक उनके रिजल्ट का फैसला नहीं हो जाता तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे।
शिकायत दी तो होगी कार्रवाई
यदि छात्र कॉलेज प्रबंधन के नाम धोखाधड़ी की शिकायत देते हैं तो उनकी शिकायत पर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सुनील कुमार, डीएसपी, सिटी
हड़ताल की वजह से रुका है रिजल्ट
कॉलेज प्रबंधन की ओर से रोहित गुप्ता ने बताया कि कॉलेज के स्तर पर किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। कुछ छात्र बेवजह नेतागिरी के चक्कर में मामले को तूल दे रहे हैं। उनका रिजल्ट भी नहीं रुका है। वे स्वयं विद्यार्थियों के साथ यूनिवर्सिटी गए थे। सारे कागजात भी विद्यार्थियों को दिखाए गए हैं। यूनिवर्सिटी में हड़ताल की वजह से कामकाज प्रभावित हो रहा है। हड़ताल की वजह से ही विद्यार्थियों का रिजल्ट रुका है। हड़ताल समाप्त होते ही रिजल्ट जारी हो जाएगा।