माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। लघु सचिवालय से एक्सपायर हो चुके फायर सिलिंडर बदले जा चुके हैं। वहीं टूटे शीशों में धूल फांकते और जंग लगे फायर फाइटिंग सिस्टम की भी सफाई कराई गई है। अब आग लगने पर इनके माध्यम से जल्द काबू किया जा सकता है।
सचिवालय में एक्सापर सिलिंडरों के मुद्दे को अमर उजाला ने अपने 26 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया और इनको बदलवाने का काम किया। एडीसी से लेकर सीटीएम ने इस मामले पर गंभीरता दिखाई। नतीजा ये रहा कि वीरवार सुबह से लेकर शनिवार दोपहर तक इनको बदल दिया गया।
तीन मंजिला लघु सचिवालय की इमारत में नौ किलोग्राम की क्षमता वाले सात सिलिंडर, छह किलोग्राम की क्षमता वाले 34 सिलिंडर और साढ़े चार किलोग्राम की क्षमता वाले 13 सिलिंडर बदलवाए गए हैं। लघु सचिवालय के तीन तलों पर कुल 54 फायर सिलिंडर थे। हर तल पर 15 से 20 सिलिंडर लगाए गए थे। इनको पिछले साल रिफिल कराया गया था।
इनकी मियाद एक साल की थी, जो दस दिसंबर को पूरी हो चुकी थी। गौरतलब है कि लघु सचिवालय में रोजाना हजारों लोग प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों में आते हैं। यहां डीसी से लेकर एसपी, एडीसी, एसडीएम, सीटीएम तक के कार्यालय हैं।
सुरक्षा के नजरिए से सीसीटीवी तो लगाए लेकिन आधार व्यवस्थाओं को ही नजर अंदाज किया जा रहा था। एक्सपायर हुए फायर सिलिंडरों में दोबारा सीओटू भरवाने की आवश्यकता थी। इनमें एक गैस कार्बन डाइऑक्साइड और दूसरी एबीसी होती है, जो हर प्रकार की आग पर काबू पाने में सहायक होती है।