माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जांच के दौरान बाइक को चोरी की बताकर चालान करने और फिर मारपीट से आहत युवक के जान देने के मामले ने वीरवार को तूल पकड़ लिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शव उठाने से इंकार कर दिया। दिनभर मेडिकल कालेज के बाहर इंसाफ की गुहार लगाने के बाद देर शाम उन्होेंने मोर्चरी के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। कई संस्थाएं और किसान भी पीड़ित परिजनों के समर्थन में पहुंच गए। उन्होंने पीड़ित परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की। साथ ही आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई। मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने तक प्रदर्शनकारियों ने शव उठाने से इंकार कर दिया। चेतावनी दी कि यदि शुक्रवार सुबह तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे लघु सचिवालय के बाहर शव रखकर जाम लगाएंगे। दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक गंगाराम पूनिया ने मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपी है। साथ ही जांच रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
मंगल कॉलोनी निवासी जगदीश ने बताया कि उसका 18 वर्षीय बेटा मोहित मेहता फर्म के पास गद्दे की फैक्ट्री में काम करता था। वह प्रतिदिन बाइक से ही काम पर आता-जाता था। बुधवार को दोपहर ढाई बजे खाना खाने के लिए मोहित घर आ रहा था। तभी रास्ते में रेलवे रोड पर रागगढ़िया चौक (तलवार चौक) पर पुलिस वालों ने उसे रोक लिया। उन्होंने उसकी बाइक को चोरी की बताई और उसका 13500 रुपये का चालान भी कर दिया। पिता का आरोप है कि जब उसने खुद की बाइक कही तो 3 पुलिस वालों ने उसके साथ मारपीट की और गालियां भी दी। इससे आहत होकर उसने जहर निगल लिया और बुधवार की रात को ही उसकी मौत हो गई।
वीरवार को युवक के शव का डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। दोपहर के समय हुए पोस्टमार्टम के दौरान परिवार के दो सदस्यों को भी साथ लिया गया, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने युवक का शव लेने से इनकार कर दिया। वे दिनभर मेडिकल कॉलेज के बाहर इंसाफ की गुहार लगाते रहे। उन्होंने पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई के साथ 25 लाख रुपये मुआवजे और सरकारी नौकरी देने की मांग की है। वहीं, धरने पर समर्थन में बैठे किसानों ने यह भी एलान कर दिया कि यदि शुक्रवार सुबह तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वे लघु सचिवालय के बाहर शव रखकर जाम लगाएंगे। इससे पहले एसपी गंगाराम पूनिया के साथ भी परिजनों और समाज के लोगों की बैठक हुई, लेकिन एसपी के आश्वासन से परिजन संतुष्ट नहीं हुए।
मां के नाम है बाइक, फिर चोरी की कैसे हुई ?
पुलिस ने 13 हजार 500 रुपये का चालान काटा। इसमें आरसी न होने के 5 हजार, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस न होने के 2 हजार, गलत साइड चलने के 500 रुपये, बिना हेलमेट के एक हजार और ड्राइविंग लाइसेंस न होेने के 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। परिजनों के पास मशीन से कटे चालान की रसीद भी है। जिसके अनुसार, बाइक नंबर एचआर 05बीसी- 6497 संतोष के नाम से पंजीकृत है। पति का नाम जगदीश है। यही मोहित के माता-पिता का नाम है और चालान रसीद में चालक मोहित ही है। ऐसे में परिजनों का आरोप है कि जब चालान रसीद में ही माता-पिता का सही नाम लिखा आया है तो पुलिस ने बाइक को चोरी की क्यों बताया...?
पिता हैं दिव्यांग, कैसे पलेगा परिवार...
मृतक मोहित के पिता एक पैर से दिव्यांग हैं। ऐसे में वे काम नहीं कर पाते हैं। मोहित का एक बड़ा भाई भी है। वह भी बीमार रहता है। मोहित ही नौकरी करके परिवार का गुजारा चला रहा था। अब बेटे के जाने के बाद परिवार पर रोजी रोटी का भी संकट खड़ा हो गया है।
नहीं मिली सीसीटीवी कैमरे की फुटेज...
परिजनों का आरोप है कि जिस चौक पर चालान हुआ है। वहां पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं, लेकिन पुलिस शाम तक भी फुटेज क्यों नहीं खंगाल सकी। पुलिस अधिकारी भी सीसीटीवी फुटेज के बारे में कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज है या नहीं, जांच हुई या नहीं, इस सवाल का पुलिस अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है।
घटना के बाद शहर में नहीं हुई वाहनों की चेकिंग...
चालान के बाद सार्वजनिक रूप से मारपीट के आरोपों के मामले के तूल पकड़ा तो वीरवार को शहर में पुलिस चालान करती कहीं नहीं दिखी। लघु सचिवालय, सब्जी मंडी, रामगढ़िया चौक और सेक्टर-14 के पास जहां पुलिस रोजाना वाहनों की चेकिंग करती थी, वीरवार को वहां कोई चेकिंग नहीं हुई।
वीडियो में बता रहा, पुलिस का अत्याचार...
परिवार की ओर से उपलब्ध कराई गई एक वीडियो में मोहित बयान दे रहा है। वीडियो के अनुसार, जब मोहित से पूछा जाता है कि उसने विषाक्त पदार्थ क्यों खाया तो वह कहता है कि मैं गया था उनके पास, तो उन्होंने मुझे मारा-पीटा, गालियां दी। किसने ? पुलिस वालों ने मारा... गालियां दी। मुझे मारा पीटा, मैने पूछा क्यों मार रहे हो, गलियां दी बिना बात के..।
रक्षक बनो, भक्षक नहीं के पोस्टर लहराए
शवगृह के बाहर पीड़ित परिवार के समर्थन में नीड ब्लेसिंग नॉट मनी संस्था के सदस्यों ने भी आवाज उठाई। इस दौरान रक्षक बनो, भक्षक नहीं.. करनाल पुलिस चालान काटो, लेकिन किसी के घर का चिराग मत बुझाओ.. लिखे पोस्टर भी लहराए गए।
मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मामले की जांच निष्पक्ष ढंग से हो। -गंगाराम पूनिया, एसपी करनाल।