- हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी किए दिशा निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निजी, सरकारी, अर्द्धसरकारी सभी तरह के 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले क्षेत्र में निर्माण आदि से पहले डस्ट वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए सभी विभागाध्यक्षों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करनाल के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि सभी परियोजना प्रस्तावकों, ठेकेदारों, बिल्डरों, प्राधिकरण उपक्रमों के साथ निजी लोगों को निर्माण व विखंडन गतिविधि के लिए अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। इसके साथ ही मौके पर प्रदूषण न बढ़े इसके सभी आवश्यक इंतजाम मौके पर करने होंगे। वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग द्वारा जो दिशा
निर्देश 11 जून 2021 को धूलकण प्रदूषण के संबंध में जारी किए थे, उनके आधार पर http://dustapphspcb.com पर धूल प्रदूषण स्वयं मूल्यांकन, एचएसपीसीबी, कथित वेब पोर्टल के माध्यम से एक ऑनलाइन प्रणाली विकसित की है। जिस पर पंजीकरण किया जाना है।
उन्होंने बताया कि सिविल संरचनाओं के निर्माण और विध्वंस की सभी मौजूदा और आगामी परियोजनाएं जो 500 वर्ग मीटर के बराबर या उससे अधिक के प्लॉट क्षेत्र पर की जा रही हैं, को अनिवार्य रूप से वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराना कराना होगा। इसके साथ ही मापदंडों पर अपनी गतिविधियों की स्वयं निगरानी करनी होगी।
स्व-लेखा परीक्षा करना और अनुपालन की स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे। तय बिंदुओं के आधार पर स्व-निर्धारण करना और पाक्षिक आधार पर स्व-घोषणा अपलोड करनी होगी। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं (एनसीआर के नगरपालिका क्षेत्र के भीतर और 500 वर्ग मीटर के बराबर या उससे अधिक के प्लॉट क्षेत्र) की रिमोट कनेक्टिविटी के साथ वीडियो फेंसिंग का प्रावधान पोर्टल का हिस्सा है।
विश्वसनीय कम लागत वाले पीएम 2.5 और पीएम 10 सेंसर परियोजना स्थल पर लगाए जाने हैं और वेब पोर्टल पर लाइव डैश बोर्ड के साथ क्लाउड स्टोरेज प्लेटफॉर्म से जोड़े जाने हैं। एनसीआर के नगरपालिका क्षेत्र के भीतर और 5000 वर्ग मीटर के बराबर या उससे अधिक के प्लॉट क्षेत्र 10000 वर्ग मीटर तक को एंटी स्मोग गन लगाना अनिवार्य है।