फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: अस्पताल में पहुंच रहे चूहा, बिल्ली और बंदर काटने के मरीज

Tue, 25 Nov 2025 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में पिछले दो माह में जानवरों के काटने के मरीज अधिक आ रहे हैं। कुत्ता काटने के साथ चूहा, बिल्ली और बंदर के काटने के मरीज भी अस्पताल में पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने बताया कि कई बार चूहा या बिल्ली के काटने पर मरीज नजरअंदाज कर देते है लेकिन जैसे कुत्ते के काटने पर सावधानी बरती जाती है ठीक इसी प्रकार चूहा व बिल्ली के काटने पर ध्यान देना चाहिए।
चिकित्सक दीपक गोयल ने बताया कि वर्तमान में सबसे अधिक कुत्ते के काटने के मरीजों की संख्या हैं। इस माह में कुत्ते काटने के 256 मरीज पहुंचे। मरीजों को 28 दिन तक प्रक्रिया में रखा जाता है। एआरवी टीकाकरण के लिए मरीज को प्रक्रिया को पूरा करना होता है ताकि गंभीर संक्रमण फैलने से बचा जा सके। हल्की खरोंच या हल्के घाव होने पर भी तुरंत अस्पताल आएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

घाव धोएं, हल्दी-तेल नहीं लगाएं

यदि मरीज को चूहा या बिल्ली ने काटा होता है तो अधिक खतरनाक स्थिति नहीं होती है, इनमें एआरवी के साथ टेटनस का टीका मरीज को लगाया जाता है। इसके अलावा कई मरीजों को बंदर भी काट रहे हैं ऐसे में बंदर के काटना और कुत्ते का काटना खतरनाक हो सकता है जिसमें मरीज को थोड़ी सी भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। बंदर के काटने पर मरीज को एआरवी और एंटी रेबीज का टीका लगाया जाता है। डाॅ. दीपक गोयल ने कहा कि जानवर के काटने पर 15 मिनट तक घाव की जगह को धोएं और पूरी डोज प्रक्रिया को अपनाएं। इसके अलावा पुराने नुस्खे, हल्दी, तेल या मिट्टी जैसी चीजें घाव पर कभी न लगाएं।

अक्तूबर नवंबर
कुत्ता काटने के मरीज 375 256
चूहा 13 3
बिल्ली 4 5
बंदर 6 5
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें