फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रसूलपुर कलां की मक्खियों पर राजनीति की चाशनी

Fri, 24 Jun 2016 02:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
विज्ञापन
मक्खियों के प्रकोप से खाने खाते समय परेशान महिला।
विज्ञापन

विज्ञापन
रसूलपुर कलां में एसडीएम के सामने मेज पर चाशनी को लेकर राजनीतिक चाशनी भी चढ़ गई है। भाजपा आम आदमी पार्टी (आप) पर मामले को हवा देने के आरोप लगा रही है तो आप का कहना है कि प्रशासन ग्रामीणों पर लगातार दबाव बना रहा है।

उधर, गांव के सरपंच ने चाशनी मामले में कहा कि जो प्रशासन कह रहा है, ऐसा कुछ नहीं है। जिस मेज पर चाशनी की बात की जा रही है, वह जोगेंद्र सिंह के घर से लाई गई थी। उसके पिता की क्रिया थी और वहां पर जलेबियां बनाई गई थीं। सरपंच रामेश्वर दास का कहना है कि उन्होंने खुद मेज को पानी से साफ कराया था, फिर भी कुछ मीठा उस पर रह गया होगा। कोई भी ग्रामीण ऐसा काम नहीं कर सकता, क्योंकि गांव के लोग तो पहले से ही मक्खियों से परेशान हैं।
विज्ञापन


सरपंच ने सीधे पर यह भी सवाल उठाया है कि मिठाई पर भी मक्खियां तभी आती हैं, जब आसपास मक्खियां होती हैं। बता दें कि बुधवार को एसडीएम योगेश कुमार ने गांव का दौरा किया था तो मेज पर चाशनी को लेकर वे गुस्सा गए थे और ग्रामीणों के साथ नोकझोंक भी हुई थी।


एसडीएम के सामने रखी मेज पर आम आदमी पार्टी के लोगों ने चाशनी डाली है, ताकि मक्खियां अधिक दिख सकें। यह घटिया मानसिकता है। आप पार्टी ने फोटो और वीडियो के माध्यम से ज्यादा मक्खियां दिखाने की कोशिश की है, जो घटिया राजनीति है। प्रशासन के अधिकारी लगातार गांव का दौरा कर रहे हैं और जल्द ही ग्रामीणों को मक्खियों से छुटकारा मिल जाएगा।
- भगवानदास कबीरपंथी, जिलाध्यक्ष भाजपा।

तो आप पार्टी ने भेजीं मक्खियां : जयहिंद
कितनी दुखद बात है कि प्रशासन मक्खियों का इलाज करने की बजाय ग्रामीणों पर दबाव बनवा रहा है। सवाल यह है कि जब गांव से मक्खियां खत्म हो गई हैं तो फिर चाशनी वाली मेज पर मक्खियां क्या आप पार्टी ने भेजी हैं? यह प्रशासन का तरीका है गांव के लोगों को दबाने का, ताकि वे अपनी मांग न उठा सकें।

अगर 15 दिन में ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो फिर से आंदोलन करेंगे।
- नवीन जयहिंद, आप, संयोजक।


पॉल्ट्री फार्म संचालकों का ड्रामा : सरपंच
किसी की राजनीति से मतलब नहीं है। ग्रामीणों को मक्खियों से छुटकारा चाहिए। मेज पर चाशनी किसी ने भी नहीं डाली, बल्कि वह पहले से थी, जिसे मैंने खुद साफ कराया था। मिठाई के कारण उस पर कुछ हिस्सा रह गया था। यह ड्रामा पॉल्ट्री फार्म संचालक कर रहे हैं, ताकि ग्रामीण अपनी बात न उठा सकें और दबाव बनाया जा सके। शहरों व अन्य गांवों में भी मिठाइयां रखी जाती हैं, वहां तो मक्खियां नहीं आतीं, हमारे गांव में मक्खियां तभी वे मिठाई पर आती हैं?
- रामेश्वर दास, सरपंच, रसूलपुर

चाशनी मामले के फोटो और वीडियो प्रशासन के पास हैं। इसकी आवश्यक जांच कराएंगे। जिस किसी ने भी यह शरारत की होगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। गांव को मक्खियों से मुक्ति के लिए कटिबद्ध हैं और लगातार इस पर काम कर रहे हैं।
- योगेश कुमार, एसडीएम


‘हवा के झोके’ ने चुंडीपुर में भी बढ़ाई परेशानी

मक्खियों के प्रकोप से न केवल रसूलपुर के लोग परेशान हैं बल्कि पास के गांवों के लोगों को भी परेशानी हो रही है। अमर उजाला की टीम जब वीरवार को करनाल से 15 किलोमीटर दूर गांव चुंडीपुर पहुंची तो यहां के सरपंच जसवंत सिंह ने बताया कि जनाब रसूलपुर कलां गांव से मक्खियां हमारे गांव में आती हैं।

हम सफाई भी पूरी रखते हैं, लेकिन पछवा हवा चलते ही मक्खियां हमारे गांव में पहुंच जाती हैं। इस बात को लेकर कई बार रसूलपुर की पंचायत के साथ बात कर चुके हैं, पर कोई समाधान नहीं निकल रहा है। हमारे गांव के पास केवल एक पॉल्ट्री फार्म है, इसके अलावा तो दूसरे गांव से ही पलायन करके मक्खियां आती हैं।

गांव चुंडीपुर के हालात रसूलपुर कलां से भी बुरे मिले। हर घर में मक्खियां और अनगिनत मक्खियां। गांव के सरपंच ने बताया कि गांव की करीब तीन हजार आबादी है, सभी सफाई पसंद लोग हैं। कितनी भी सफाई रख लें, लेकिन मक्खियां हटती नहीं हैं। यहां खाना और पीना आसान नहीं है। दिन में तो कुछ नहीं कर सकते हैं, अंधेरा करके खाना खाना पड़ता है। सरपंच ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि उनका गांव रसूलपुर कलां से दो किलोमीटर दूरी पर है, गांव रसूलपुर में पॉल्ट्री फार्मों के कारण मक्खियां हैं, वे ही मक्खियां हमारे गांव में आती हैं।

रसूलपुर में हुआ स्प्रे, हमारे गांव में नहीं
सरपंच ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने केवल रसूलपुर में ही स्प्रे कराया है। उनके गांव में किसी ने आकर झांका तक नहीं है, जबकि यहां के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। वहीं ज्ञानचंद ने बताया कि हालात इतने खराब हैं कि खाना भी छुपाकर खाना पड़ता है। आप खाना थाली में रखकर नहीं खा सकते, खाने व पानी पर इतनी मक्खियां आती हैं। महिला रामकली, चंद्र ने बताया कि उनके गांव में भी स्प्रे की जरूरत है, ताकि मक्खियां समाप्त हो सकें।

एक नहीं कई गांवों की है समस्या
आसपास के लोगों ने बताया कि यह समस्या केवल रसूलपुर और चुंडीपुर की नहीं है, बल्कि दर्जनभर गांवों में मक्खियों की समस्या है। डबरकी, नलवी कलां, नलवी पार, नलवी खुर्द, जम्मू खाला, मुस्तफाबाद, कुंजपुरा, सुभरी, माजरा, डाकवाला व मोहिनदिनपुर में भी यही समस्या है।
विज्ञापन


इन सभी गांवों के आसपास पोल्ट्री फार्म हैं, इसलिए ये सभी गांव मक्खियों से परेशान हैं। कई बार ग्रामीणों ने अपनी समस्या प्रशासन के सामने रखी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। सुभरी के सरपंच धर्म सिंह व खेड़ा के सरपंच धमेंद्र ने बताया कि उनके गांव में लगातार मक्खियां बढ़ रही हैं और इससे सभी परेशान हैं।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें