24वें दिन रामपाल समर्थकों ने दिया धरने को समर्थन
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति का अपनी मांगों को लेकर चल रहा धरना 24वें दिन प्रवेश कर गया, लेकिन न तो आंदोलनकारियों की मांग पूरी हुई है और न ही उनकी ओर से धरना उठाया गया है। समिति के पदाधिकारियों और सरकार द्वारा गठित पांच सदस्यीय कमेटी के बीच दूसरे दौर की वार्ता में भी मांग न माने जाने पर आंदोलनकारियों में सरकार के प्रति रोष है। वहीं, मंगलवार का संत रामपाल के समर्थक धरनास्थल पर पहुंचे और अपना समर्थन दिया।
दूसरी ओर धरनास्थल पर राजनेताओं एवं सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों का आवागमन लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों की ओर से भी मांगे पूरी होने तक धरना जारी रखने के अपने फैसले को दोहराया है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्य बलवान सिंह मान ने कहा कि संघर्ष समिति की मांग बिलकुल जायज है और इसके लिए संघर्ष समिति की नौबत सरकार के अड़ियल रैवये के कारण आई है।
जिलाध्यक्ष नफे सिंह मान ने कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक धरना अनिश्चितकालीन तक जारी रहेगा। रिशालवा गांव के रामपाल सिंह की अध्यक्षता में शुरू हुआ धरने पर प्रदर्शनकारियों की ओर से उनकी मांगो को पूरी करने की जोरदार वकालत की गई। राष्ट्रीय कार्य कारिणी के निर्देशानुसार सभी जनप्रतिनिधि ब्लॉक समिति जिला परिषद पंच, सरपंच, नंबरदार व सभी पार्टियों के विधायक व सांसदों द्वारा जाटो के न्याय धरनो का समर्थन पत्र 27 फरवरी तक प्राप्त करना, धरनो और मांगो का समर्थन न करने वालों की लिस्ट जारी कर उनको भविष्य में राजनीतिक निर्णय 36 बिरादरी के भाई मिलकर चुनावों में सबक सिखाये व उनका बहिष्कार करने का ऐलना किया गया।