जिले में खिलाड़ियों की पौध तैयार करने के लिए प्रस्तावित खेल नर्सरियां काउंसिलिंग से आगे नहीं बढ़ पाई हैं। खेल विभाग द्वारा अक्टूबर में काउंसिलिंग की गई थी। इसके बाद पूरी योजना ठंडे बस्ते में चली गई। विभाग का दावा है कि जल्द ही योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा, लेकिन फिलहाल इसकी कोई ठोस तैयारी नहीं है। हरियाणा सरकार ने प्रत्येक जिले में खिलाड़ियों की जनरेशन तैयार करने के उद्देश्य से नर्सरी खोलने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत स्कूलों से आवेदन मांगे गए थे। जिले से अपने यहां नर्सरी खोलने के लिए 38 स्कूलों ने आवेदन किया था।
इसके पश्चात गत 3 नवंबर 2016 को काउंसिलिंग की गई, जिसमें आवेदन करने वाले 38 स्कूलों में से महज 20 ही काउंसिलिंग के बाद खेल विभाग के मानकों पर खरे उतरे, बाकि स्कूलों में कहीं अच्छा ग्राउंड नहीं था तो कहीं खिलाड़ियों के लिए अन्य सुविधाओं का अभाव था। कड़े मानकों के साथ होने वाली इस काउंसिलिंग के उपरांत पूरी प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई। नर्सरियां किन स्कूलों को अलॉट होंगी तीन महीन से इस लिस्ट का इंतजार हो रहा है। माना जा रहा है कि प्रपोजल को अप्रूवल मिलने के बाद इसे जारी किया जाएगा। इंतजार लंबा होता देख खिलाड़ियों का हौसला जवाब देने लगा है।
खेल नर्सरियों में मिलेगी सभी सुविधा
खेल विभाग की ओर से जिले में 20 नर्सरी खोली जाएंगी। इनमें से 10 लड़कों एवं 10 लड़कियों के लिए आरक्षित की जाएंगी, ताकि दोनों वर्गों को समानता से मौका मिल सके। हर खेल नर्सरी में 25 खिलाड़ी होंगे, यानि जिले के 500 खिलाड़ियों को नर्सरियों में लिया जाएगा। पूरे प्रदेश के 11 हजार विद्यार्थियों को इससे लाभ होगा। स्कूल को नर्सरी में सामान व मैदान की देखरेख के लिए 1.20 लाख मिलेंगे। इसके अलावा कोच की तनख्वाह के लिए 15 हजार रुपये महीना अलग से देने की योजना है। इस नर्सरी में खिलाड़ियों को निशानेबाजी, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, फुटबॉल, हॉकी, हैंडबॉल, कबड्डी/खो-खो, तैराकी, वालीबॉल व कुश्ती सीखने का मौका मिलेगा। ताकि वे प्रशिक्षण पाकर नेशनल एवं इंटर नेशनल प्रतियोगिताओं में देश एवं प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।
प्रक्रिया फाइनल स्टेज पर है
नसरी को लेकर अभी तक कोई नोटिफिकेशन नहीं आया है, लेकिन पूरी प्रक्रिया फाइनल स्टेज पर चल रहा है। विभाग की तरफ से जल्द ही इस बारे में सूचना दे दी जाएगी।
- सत्यदेव मलिक, जिला खेल अधिकारी