रोबिन की मौत के मामले में सीआईए वन पुलिस ने तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी दिखाते हुए हत्या, हत्या के प्रयास की धाराएं जोड़ दी हैं। वहीं हत्या में प्रयोग की गई स्विफ्ट कार को सेक्टर-4 स्थित गोदाम से बरामद कर लिया है। वीरवार को तीनों आरोपी कोर्ट में पेेश किए जाएंगे। जहां पुलिस रिमांड पर लेने का प्रयास करेगी।
पूछताछ में राजू बठला ने बताया कि उसने अरविंद के साथ कुंजपुरा रोड पर एक दुकान ली है। वहां पर चिकन कार्नर का काम किया। चार महीने बाद काम नहीं चला तो बंद कर दिया। इसके बाद प्रापर्टी का काम किया वो भी नहीं चला। तीसरे काम की बात नहीं बन सकी। लंबे समय से न तो उनका काम चल रहा था और न ही प्रापर्टी का बंटवारा। इसके बाद लॉकडाउन में स्थिति और भी खराब हो गई। इसी प्रॉपर्टी को हथियाने के लिए उसने अरविंद की हत्या करने की योजना बनाई। अरविंद के साथ रोबिन भी था। उसने दोनों को टक्कर मार दी। इसमें रोबिन की मौत हो गई, जबकि अरविंद घायल हो गया।
सीआईए इंचार्ज दीपेंद्र राणा ने बताया कि जैसे ही उन्हें जांच का जिम्मा मिला उन्होंने सीसीटीवी कैमरे खंगाले, रेहड़ी वालों से पूछताछ कर गाड़ी की पहचान की। सूत्रों से जानकारी मिलने पर केआर सिनेमा के नजदीक से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ के आधार पर सेक्टर-4 से गाड़ी बरामद की गई।
10 सितंबर को दिया था वारदात को अंजाम
10 सितंबर की रात अज्ञात कार चालक द्वारा हरियाणा नर्सिंग होम से कुछ दुर सेक्टर-13 की तरफ दो युवकों ने रोबिन नागपाल वासी राम बाग कालोनी व अरविंद वासी राम बाग कालोनी को टक्कर मार कर फरार हो गये थे। इस संबंध में थाना सिविल लाइन में सतीश कुमार नागपाल के बयान पर मुकदमा 11 सितंबर को धारा 279, 337 भादस दर्ज किया गया। 11 सितबंर को इलाज के दौरान रोबिन नागपाल की अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों को शक था कि कि उनके लड़के की किसी साजिश के तहत हत्या की गई है। इसको लेकर वह पुलिस अधीक्षक करनाल से मिले थे।
फुटेज व सतीश नागपाल के बयान से मिली सफलता
तफतीश में सीआईए-1 की टीम ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का मुआयना कर घटना की कड़ियां जोड़ते हुए व घायल युवक के बयान पर सीआईए-1 की टीम द्वारा तीन आरोपी राजकुमार उर्फ राजू बठला वासी रामबाग कालोनी करनाल, गौरव वासी रूप कालोनी करनाल, नीरज वासी हरि राम एन्कलेव को काबू किया।
गाड़ी नीरज की, चला राजू रहा था गाड़ी
राजू ने बताया कि वह और उसके दो साथी नीरज व गौरव मेरे साथ नीरज की गाड़ी में बैठकर जा रहे थे, गाड़ी को वह खुद चला रहा था। रास्ते में मुझे अरविंद व उसका दोस्त रोबिन जाते दिखाई दिये। मैंने रंजिश के कारण अरविंद को जान से मारने की नियत से टक्कर मारी, जिसमें अरविंद के साथ-साथ रोबिन को भी टक्कर लगी, उसके बाद मैं अपने साथियों सहित गाड़ी सहित फरार हो गया।
मैंने नाग पाल रखे थे, अब पता लगा हम नागपाल क्यों हैं
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद रोबिन नागपाल के पिता सतीश नागपाल ने कहा कि आज पता लगा कि हम नागपाल क्यों हैं, मैंने ही ये नाग पाल रखे थे। हमारे घर और दुकान पर ही आते थे और यहीं पर खाते थे। लेकिन हमें क्या पता था कि ये नाग एक दिन हमें ही डस लेंगे। नागपाल ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी से हमें न्याय की उम्मीद जगी है, लेकिन रोबिन की आत्मा को शांति तभी मिलेगी जब इन आरोपियों को कड़ी सजा मिल सके।
शराबियों पर लगाम लगाएं पुलिस
नागपाल ने करनाल पुलिस से यह भी गुहार लगाई कि रात को गाड़ियों में शराब पीकर घूमने वालों पर लगाम लगाएं ताकि फिर किसी के घर का चिराग इस तरह न बुझे। उन्होंने कहा कि देर रात तक शहर की सड़कों पर आवारा लड़के घूमते हैं, जो किसी न किसी को निशाना बना लेते हैं। पार्षद प्रतिनिधि गिन्नी विर्क ने पुलिस और समाज के लोगों का धन्यवाद किया। वहीं, आसपास के लोगों ने बताया कि रोबिन एक संस्कारी लड़का था। उसका सभी के साथ दोस्ताना व्यवहार था।