- देखरेख के अभाव में बने नशेड़ियों का अड्डा, पेयजल की नहीं व्यवस्था, गंदगी से अटे शौचालय
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले के खेल मैदान व राजीव गांधी खेल परिसरों की हालत खस्ता है। इस कारण यहां खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं, न खेल विभाग की ओर से कोई प्रतियोगिता यहां करवाई जा रही है। जिले के सात राजीव गांधी खेल परिसर देखरेख के अभाव में नशेड़ियों का अड्डा बनते जा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि इन खेल परिसरों की देखभाल के लिए खेल विभाग की ओर से किसी भी सुरक्षाकर्मी की नियुक्ति नहीं की गई है। घोघड़ीपुर व पुंडरक में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक कौशल रोजगार के तहत एक कर्मचारी नियुक्त किया गया है। खेल मंत्री के राजीव गांधी खेल परिसर बसताड़ा की स्थिति का जायजा लेने के बावजूद खेल मैदानों की हालत नहीं सुधरी है।
रविवार को घोघड़ीपुर व पुंडरक के खेल मैदान का जायजा लेने पर हर तरफ गंदगी फैली मिली। सफाई व सुरक्षाकर्मी की कोई व्यवस्था नहीं है। मैदान पर उगी बड़ी-बड़ी घास अभ्यास में बाधा बन रही है। कहीं ऊबड़-खाबड़ मैदान है। खेल भवन के ऊपर से लटके बिजली के तार हादसों का कारण बन सकते हैं।
घोघड़ीपुर के खेल मैदान का घास तो जलाया गया है लेकिन इसकी सफाई नहीं करवाई गई। शौचालय गंदगी से अटे हैं। वॉश बेसिन के ऊपर सूचना लिखी गई है कि उपयोग के बाद नल बंद कर दें लेकिन यहां पर नल ही नहीं है। शौचालयों में पानी व नल की व्यवस्था नहीं है। मूनक घनी आबादी वाला कस्बा होने के बावजूद एक भी खेल नर्सरी को शुरू नहीं किया गया है। हालांकि गगसीना में कुश्ती व फुटबॉल कोच की नियुक्ति होने से आस-पास के पांच गांवों के खिलाड़ियों को लाभ मिला है।
कस्बों के खेल मैदानों की स्थिति खराब
निसिंग के खेल मैदानों में गोंदर, हथलाना, डाचर व बस्तली में अभी तक स्थिति ज्यों की त्यों है। यहां न तो किसी कोच की नियुक्ति हुई है न किसी सुरक्षाकर्मी की। पुंडरक में खेल विभाग की ओर से एक कर्मी नियुक्त है जो मैदान की सफाई के साथ-साथ यहां के पौधों की देखरेख भी कर रहा है। खेल मैदानों में कोच की व्यवस्था न होने से खिलाड़ी यहां जाने से भी परहेज कर रहे हैं।
जिला में सभी राजीव गांधी खेल परिसर ग्रामीण क्षेत्र में बने हैं। इनके कायाकल्प की मांग खेल विभाग की ओर से पंचायत विभाग को भिजवाई गई है। इससे पहले भी ग्राम पंचायत की ओर से इन खेल परिसर में बने भवन व दीवारों पर पेंट पंचायत विभाग की ओर से कराया गया था। पंचायत विभाग की ओर से स्वीकृति मिलते ही सभी राजीव गांधी खेल परिसर व अन्य खेल मैदानों का कायाकल्प कराया जाएगा।
- सुधा भसीन, जिला खेल अधिकारी