किसानों की फसल पर दूसरे दिन भी बारिश और ओलावृष्टि आफत बनकर गिरी तो अन्नदाता के दिलों की धड़कने बढ़ गई। रविवार को हुई बारिश से अभी किसान संभल भी नहीं पाया था कि सोमवार को फिर शहर के जीटी रोड पार पूर्वी क्षेत्र में दोपहर दो बजे बारिश शुरू होने के साथ ही ओलावृष्टि शुरू हो गई। लगभग एक घंटे बारिश के साथ जहां तहां ओले भी गिरे, हालांकि शहरी क्षेत्र व अधिकांश क्षेत्रों में ओलावृष्टि नहीं हुई।
सोमवार को लगा कि आज मौसम साफ रहेगा लेकिन दोपहर होते होते मौसम का मिजाज बदलता चला गया। खेत खलिहानों में तो रविवार की बारिश के बाद से ही कटाई ठहर गई थी। किसान फसल में कुछ धूप लगने के बाद कटाई शुरू कराने की प्रतीक्षा कर रहे थे लेकिन सोमवार को दोपहर बाद बारिश के साथ कहीं कहीं ओलावृष्टि शुरू हो गई। जिसके कारण गेहूं की कटाई का काम शुरू नहीं हो सका। घरों के बाहर खुले में एकत्र गेहूं भी दोबारा भीग गया। जिले में करीब 1.72 लाख हेक्टेयर गेहूं का रकबा है, जिसमें से करीब 75 प्रतिशत गेहूं की कटाई हो चुकी है। बाकी गेहूं की फसल की कटाई कराना किसानों के लिए चुनौती बन चुका है। बारिश से तमाम कृषि कार्य बंद हो गए। किसान क्लब के प्रदेश महासचिव विजय कपूर ने कहा कि फरवरी, मार्च और अप्रैल में खेती के लिए मौसम खराब रहा। किसानों का करीब 40 प्रतिशत तक गेहूं की फसल का काम नहीं निपटा। जो फसल हाथ से कटवाई थी, उसकी थ्रेसिंग नहीं हुई। करीब 15 से 20 प्रतिशत तक कटाई का काम भी रुका हुआ है। अप्रैल के महीने में चौमासा जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम की यही स्थिति रही तो खेती करना मुश्किल हो जाएगा। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार 28 व 29 अप्रैल को भी आंशिक बादल दिखाई दे सकते हैं। कहीं-कहीं हल्की बारिश की भी संभावना जताई जा रही है। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रहा।