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हाईप्रोफाइल सामूहिक : पुलिस उठे सवाल, आज अदालत पर टिकी निगाह

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हाईप्रोफाइल सामूहिक दुष्कर्म और हनीट्रेप के मामले में जहां पुलिस की ओर से ब्लैकमेलिंग की आरोपी महिला को रिमांड पर लेने के लिए सेशन कोर्ट में अपील की गयी है। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने ब्लैकमेलिंग के आरोप को साजिश बताते हुए महिला की जमानत के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की है। महिला की जमानत पर बुधवार को बहस होगी। अब शहरवासियों की नजर अदालत पर है, देखना है कि पुलिस को रिमांड मिलती है या फिर महिला को जमानत।
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बता दें कि तीन दिन पहले महिला और उसके पति को पुलिस ने ब्लैकमेलिंग के आरोप में सवा सात लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार किये थे। बाद में पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश किया था और पहले लिये जा चुके छह लाख रुपये की रिकवरी के लिए दो दिन का रिमांड मांगा था। इस पर अदालत ने पुलिस को फटकार लगाते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाये थे। अदालत का सवाल था कि नोटों पर पाउडर क्यों नहीं लगाया गया और वीडियोग्राफी क्यों नहीं कराई गई। इस पर अदालत ने रिमांड की अर्जी को भी रिजेक्ट कर दिया था और दोनों को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अब मंगलवार को पुलिस की ओर से सेशन कोर्ट में महिला की रिमांड लेने के लिए अपील की गयी है। वहीं, बचाव पक्ष की ओर वकील विनय बंसल ने बताया कि उन्होंने भी महिला की जमानत के लिए अदालत में अर्जी लगा दी है। उस पर सुनवाई बुधवार को होगी।
आयोग ने एसपी को लिखा पत्र, जांच टीम को किया तलब
इधर, महिला आयोग ने सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच कर रही टीम को आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा है। साथ ही ये भी पूछा है कि दुष्कर्म के मामले में अभी जांच कहां तक पहुंची है। गौरतलब है कि इस मामले में दो एसआईटी बनाई गई है, जो डीएसपी जगदीप दूहन और डीएसपी राजीव कुमार के नेतृत्व में जांच कर रही है। इस बारे में महिला आयोग की सदस्य नम्रता गौड़ ने बताया कि आयोग की ओर से एसपी करनाल को पत्र भेजा गया है। इसमें मामले की जांच कर रहे अधिकारियों और जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही आयोग आगामी प्रक्रिया करेगा।
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