माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। महामारी के दौरान आपदा को अवसर में बदलने की दिशा में शुरू हुई ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में रियल टाइम इंटरएक्टिव वर्चुअल क्लासरूम योजना शुरू की है। इसे पायलट परियोजना के तहत प्रदेश के तीन जिलों गुरुग्राम, पंचकूला और करनाल में तैयार की गई क्लासरूम में शुरू की जाएंगी। गुरुग्राम के बाद करनाल के जिला बाल कल्याण परिषद के बाल भवन में अधिकारियों, अभिभावकों और छात्रों के साथ मिलकर बृहस्पतिवार को इसका लाइव डैमो किया गया। पंचकूला में भी जल्द डैमो किया जाएगा।
जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने बताया कि जिला बाल कल्याण परिषद के बाल भवन में स्कूली बच्चों, अधिकारियों और अभिभावकों के समक्ष लाइव डैमो क्लास दी गई। यह डैमो क्लास रियल टाइम इंटरएक्टिव वर्चुअल क्लासरूम होंडा के सहयोग से तैयार की गई है। इसमें छठी से 12वीं कक्षा के अनाथ बच्चों और सरकारी स्कूल की लड़कियों को निशुल्क पढ़ाया जाएगा। इन कक्षाओं में बच्चों को साइंस, गणित, अंग्रेजी और ओलंपियाड से विषयों के बारे में जानकारी दी जाएगी। 10वीं कक्षा के बच्चों को एनटीएससी की तैयारी करवाई जाएगी। 11वीं और 12वीं के बच्चों को जेईई और नीट की तैयारी करवाई जाएगी। इस योजना में प्राथमिकता के तहत सबसे पहले आश्रित बच्चों को फिर सरकारी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं को दाखिला दिया जाएगा।
शिक्षा जरूर दिलाएं
लाइव डैमों मेें मौजूद हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष बारिशा शर्मा ने हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की शुरुआत करने के लिए अपनी टीम का हौसला बढ़ाया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में दुनिया में आई आपदा में हमने अवसर को तलाशा और इस योजना पर काम शुरू कर दिया है, जिसमें निजी ऑटो कंपनी ने सहयोग दिया। ब्यूरो