करनाल। जेल में बंद दुराचार के आरोपी की हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए रोहतक रेफर कर दिया गया। परिजनों की माने तो उन्हें आशंका है उनके बेटे ने जेल में संभवता कुछ खा लिया है, इस कारण उसकी तबियत बिगड़ गई। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज अस्पताल के डाक्टरों का कहना है कि मरीज बेहोशी में है। दूसरी ओर जेल के डाक्टर के अनुसार मरीज के शरीर में सोडियम की कमी के कारण उसकी हालत खराब हुई है।
दुराचार के आरोप में जेल में बंद कैदी दीपक को बुधवार की शाम को जेल प्रशासन की ओर से कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी हालत बुधवार से ही कुछ गंभीर नजर आ रही थी। रात भर उसे मेडिकल कालेज के ट्रॉमा सेंटर में उपचार दिया गया, लेकिन उसकी हालत में सुधार आने के बजाय वह वीरवार को बेहोश नजर आया। मेडिकल में ड्यूटी पर तैनात डाक्टराें की समझ से बाहर मामला नजर आया तो वरिष्ठ डाक्टर संजीव ग्रोवर को कॉल किया गया। हालत गंभीर नजर आने के कारण डा. ग्रोवर की एडवाइस पर दीपक को रोहतक मेडिकल रेफर किया गया।
अस्पताल में मिले दीपक के पिता बलवान और निकट संबधी राजेंद्र कुमार ने कहा कि वह लोग माडल टाउन क्षेत्र के रहने वाले हैं। दीपक की हालत कल से नहीं बल्कि पिछले कई दिनों से खराब है। इसके लिए जेल में डाक्टर द्वारा दिया गया उपचार पुख्ता सबूत है। उन लोगों को इसके बारे में सूचित नहीं किया गया। बुधवार को मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराने के बाद ही इसकी जानकारी दी गई। इस बात का उन लोगों को मलाल है। उसकी कम बिगड़ी हालत में सूचित किया जाता तो वह अपने बच्चे से पूछ कर हालचाल जान सकते हैं। वर्तमान में उनका बेटा बेहोशी में है। उसकी हालत गंभीर है।
जेल प्रशासन के डॉ. हर्ष के अनुसार वह पिछले कई दिन से बीमार था। उसे लूज मोशन (दस्त) था। इस कारण ही सोडियम की कमी हुई नजर आ रही है। वीरवार को रोहतक रेफर करने तक दीपक ठीक था। वह भी मेडिकल में मौजूद थे। रोहतक मेडिकल में जाने के बाद वह ठीक हो जाएगा।
जेल अधीक्षक शेरसिंह का कहना है कि पूरी जानकारी डाक्टर के पास है। जेल रिकार्ड के अनुसार दीपक को एडीजे आरके जैन की अदालत ने जनवरी महीने में 10 साल की कैद की सजा सुनाई थी। वह दुराचार के आरोप में जेल में कैद काट रहा है। वह बीमार हुआ है, जिसके चलते उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।