नौकरी बहाली की मांग को लेकर लंबे समय से धरने पर बैठे बर्खास्त पीटीआई टीचरों ने बुधवार दोपहर को शिक्षा मंत्री के घर का घेराव करना चाहा। जिसको लेकर पीटीआई और पुलिस के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। हालात ऐसे हो गए कि पीटीआई टीचरों ने पुलिस के अवरोधक तोड़ कर शिक्षा मंत्री के निवास स्थान पर जा पहुंचे। काफी देर तक शिक्षा मंत्री के निवास स्थान के बाहर जमकर हंगामा हुआ। पीटीआई शिक्षक अपने प्रदर्शन के तहत मिलने के लिए आए थे और उन्होंने मंत्री से समय भी ले रखा था, लेकिन पुलिस ने पीटीआई टीचरों को मंत्री से मिलने से रोक लिया। मंत्री के निवास स्थान से पहले ही सड़क पर तीन बेरिकेट्स लगाए हुए थे। जिन्हें एक के बाद एक पीटीआई पार कर शिक्षा मंत्री के निवास स्थान के करीब पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए अपना दम दिखाना चाहा, लेकिन इस बीच पीटीआई टीचरों ने पुलिस को ही खदेड़ दिया। इस दौरान शिक्षक हाथ में नारे लिखे बैनर लिए हुए थे और उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
संयुक्त शिक्षक संघर्ष समिति के रामस्वरूप शर्मा का कहना है कि 1983 जिन पीटीआई टीचरों को निकाला गया था, उनमें से हरियाणा भर से आएं कुछ पीटीआई मंत्री से मिलने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री हरियाणा ने बर्खास्त पीटीआई अध्यापकों की 11 सदस्यीय कमेटी को बातचीत के लिए एक अक्टूबर 2020 को बुलाया है। अपनी बात को मजबूती से मुख्यमंत्री के समक्ष रखने के लिए शिक्षा मंत्री को ज्ञापन दिया गया। शिक्षा मंत्री ने कमेटी को आश्वसन दिलाया कि अध्यापकों की बात मजबूती से रखूंगा। ऐसे में इन लोगों के बीच पुलिस भी दीवार बनकर खड़ी हो गई। जिसको लेकर शिक्षक पुलिस को खदेड़ कर आगे बढ़ गए। घर के बाहर जब टीचर पहुंच गए तब जाकर कुछ टीचरों को मंत्री से मिलने दिया गया। उनकी मांग है कि सीएम से शिक्षा मंत्री इनके बारे में बात करें। इसके लिए यह लोग शिक्षा मंत्री से मिलने के लिए आए थे, लेकिन इन्हें जबरन रोकने का प्रयास हुआ तब इन लोगों ने पुलिस के साथ धक्का मुक्की की।
इस अवसर पर हरियाणा शारीरिक शिक्षक जिला प्रधान कृष्ण लाल, यशवंत राणा, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ जिला प्रधान राकेश धनखड़ , जिला सचिव जगपाल सिंह , सतबीर गोयत कैथल , विजय कुमार हिसार, दिलबाग शौर्य चक्र विजेता, सुनील दत्त पानीपत, संदीप राणा करनाल, भूपिंदर सिंह अम्बाला, सुरेंद्र पंचकूला, जोगिंदर, श्याम सुंदर व कमला चहल कुरुक्षेत्र , गजे सिंह सोनीपत, सीटूू नेता विनोद त्यागी, राजपाल सांगवान , मनोज प्रजापत ,राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ राज्य संयोजक जगजीत सिंह, जिला प्रधान कुलवंत सिंह, सविन्द्रों देवी, परमजीत पाल , प्रीतम सिंह बालियान , संजय मम्बोज , शारीरिक शिक्षक संघ पूर्व जिला प्रधान अमीलाल आदि मौजूद रहे।
वहीं, शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर का कहना है कि हम नियमों से बंधे हुए है। कोर्ट के आदेश पर ही शिक्षकों को बर्खास्त किया गया था। शिक्षक संयम से काम लें। अगर कहीं से कोई रास्ता निकलता है तो उन्हें एडजस्ट भी किया जा सकता है, उसके लिए मैं मुख्यमंत्री के सामने इनका पक्ष रखूंगा। एक अक्तूबर को शिक्षकों की मुख्यमंत्री से मीटिंग भी है।