संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं की प्रायोगिक परीक्षाएं, प्रोजेक्ट और आंतरिक मूल्यांकन जनवरी माह से 14 फरवरी तक आयोजित किए जाएंगे। बोर्ड ने इस संबंध में सभी स्कूलों के लिए निर्देश जारी किए हैं कि प्रायोगिक परीक्षाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिले के 250 निजी स्कूलों और 14 राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालयों में परीक्षाएं आयोजित होंगी। प्रैक्टिकल परीक्षाओं को लेकर पर्यवेक्षकों की ड्यूटी जल्द ही आनी शुरू होगी। पर्यवेक्षकों की ड्यूटी जैसे ही आएंगी, स्कूलों में यह परीक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी। बोर्ड की ओर से जिस-जिस विषय में पर्यवेक्षक की ड्यूटी लगाई जाएगी, उनसे संपर्क कर यह परीक्षाएं आयोजित करवाई जाएंगी। सभी स्कूलों में इन परीक्षाओं को करवाने के लिए लैब भी तैयार की जा रही हैं। बोर्ड ने प्रयोगशालाओं की तैयारियों पर विशेष जोर देते हुए कहा है कि आवश्यक उपकरण, सामग्री और बुनियादी ढांचा पूरी तरह दुरुस्त होना चाहिए। प्रायोगिक और आंतरिक मूल्यांकन के लिए सीबीएसई की ओर से नियुक्त बाह्य परीक्षकों से समय रहते संपर्क करना भी विद्यालयों की जिम्मेदारी होगी। साथ ही कक्षा 12वीं में केवल सीबीएसई की ओर से नियुक्त बाह्य परीक्षक ही प्रायोगिक परीक्षा कराएंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर प्रायोगिक परीक्षा को रद्द करने का अधिकार बोर्ड के पास सुरक्षित रहेगा। बोर्ड ने इस साल पर्यवेक्षकों की ड्यूटी के लिए मानदेय में भी वृद्धि की है।
- परीक्षा के दिन ही अंक ऑनलाइन होंगे अपलोड
सीबीएसई ने निर्देश दिया है कि प्रायोगिक, प्रोजेक्ट और आंतरिक मूल्यांकन के अंक परीक्षा के दिन ही ऑनलाइन अपलोड किए जाएं। एक बार अंक अपलोड होने के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने प्रधानाचार्यों को चेताया है कि अधिकतम अंकों की जांच के बाद ही अंक अपलोड हों, अन्यथा परिणाम के बाद किसी भी सुधार अनुरोध पर विचार नही किया जाएगा।
परीक्षाओं को लेकर पर्यवेक्षकों की ड्यूटी जैसे ही आनी शुरू होगी उनसे संपर्क किया जाएगा। ड्यूटी आने पर परीक्षाएं शुरू कराई जाएंगी। सभी विद्यालयों में लैब की पूरी व्यवस्था और तैयारी चल रही है और उपकरणों और विद्यार्थियों की जरूरत का सामान उपलब्ध है।
- राजन लांबा, सीबीएसई कॉ-ओर्डिनेटर