माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। इस साल पौष पूर्णिमा शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन व्रत और दान-स्नान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि पौष पूर्णिमा के दिन किए गए स्नान, दान और जप-तप का फल कई गुना मिलता है। इस दिन व्रत करने से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं जिससे घर में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। पंडित मांगेराम शास्त्री ने बताया कि पौष पूर्णिमा दो जनवरी शुक्रवार को शाम 6:52 से शुरू होगी और तीन जनवरी शनिवार को दोपहर 3:32 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और ऐश्वर्य का वास होता है। चंद्र देव को अर्घ्य देने से मानसिक शांति मिलती है और चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का व्रत करना भी फलदायी होता है। व्रतधारी को सुबह पूजा-अर्चना करनी चाहिए और पवित्र गंगा-यमुना नदी में स्नान करना चाहिए। इस दिन व्रत करने से आर्थिक संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। भगवान सत्यनारायण की कथा करना व सुनना भी शुभ माना जाता है इससे घर में सकारात्मकता बनी रहती है। व्रत में सात्विक आहार ग्रहण करना चाहिए। पौष पूर्णिमा पर दान करने का विशेष महत्व है। ब्यूरो