लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रतिद्वंद्वी के रूप में चुनाव लड़ने के इच्छुक बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने अब सीएम मनोहर लाल के सामने करनाल विधानसभा से जेजेपी के प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया है। हालांकि, नामांकन से पहले उन्होंने गलत फार्म भर दिया, बाद में आनन-फानन में दोबारा से फार्म भरा गया। गौरतलब है कि तेज बहादुर यादव बीएसएफ में जवानों को दिए जाने वाले खाने को लेकर सोशल मीडिया से चर्चाओं में आए थे। उसके बाद उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने बीते लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टक्कर में वाराणसी से समाजवादी पार्टी और बसपा गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की ठानी थी, लेकिन किसी कारणवश उनका नामांकन पत्र खारिज हो गया था। तेज बहादुर यादव ने कहा कि वह करनाल में भाजपा प्रत्याशी मुख्यमंत्री मनोहर लाल की टक्कर में जेजेपी के घोषणा पत्र पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि एक तरफ भ्रष्टाचार मिटाने की बात कही जाती है, वहीं भ्रष्टाचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
आवेदन फार्म में गलती
करनाल विधानसभा से चुनाव लड़ने के नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे तेज बहादुर यादव के नामांकन पत्र में गलती होने की वजह से उनके समर्थक हैरत में पड़ गए। जांच पर पता चला कि इंटरनेट से डाउनलोड किया गया फार्म लोकसभा चुनाव का है। आनन-फानन में दोबारा फार्म भरा।