माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने एएसआई संदीप लाठर और आईजी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दोनों हमारे सहयोगी थे और इस प्रकार की घटनाएं पुलिस विभाग के लिए बेहद पीड़ादायक हैं। उन्होंने कहा कि अब उनका फोकस इस बात पर रहेगा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। इसके लिए पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक समर्थन और कार्य-परिस्थितियों को बेहतर बनाया जाएगा। ताकि पुलिसकर्मियाें और उनके परिवारों में तनाव दूर हो सके।
डीजीपी ने कहा कि पुलिस की नौकरी स्वभावतः तनावपूर्ण होती है लेकिन किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या जैसी नौबत नहीं आनी चाहिए। इसके लिए हर जिले में काउंसलिंग, सपोर्ट सिस्टम और संवाद की संस्कृति विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि संस्थागत उपायों के जरिये पुलिसकर्मियों को मानसिक और सामाजिक स्तर पर सहयोग देने की योजना तैयार की जा रही है।
डीजीपी ओपी सिंह वीरवार को करनाल के मधुबन स्थित पुलिस शहीद स्मारक पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन को और मजबूत किया जाएगा ताकि यह संगठन पुलिस परिवारों के बीच सहयोग, संवाद और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद कर सके।
अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
डीजीपी ने राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखें। प्रदर्शन, धरना, जुलूस या किसी भी सार्वजनिक आयोजन में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा प्रबंधन को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि अपराध करने वाले को संगठित और सतत कार्रवाई के माध्यम से जेल तक पहुंचाना पुलिस की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक अरशिंद्र चावला, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डॉ. राम रवि किरण, डीआईजी सुरेंद्र पाल सिंह, आईपीएस मोहित हांडा, पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया, एचपीए की पुलिस अधीक्षक पुष्पा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।