माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। धान का सीजन खत्म होने के बाद असंध, कुंजपुरा और जुंडला की मंडी से सामने आए फर्जीवाड़े में पुलिस सभी पक्षों से पूछताछ करेगी। आढ़ती, ट्रांसपोर्टर के अलावा मंडी के कर्मचारी और विभागीय टीमों से भी पूछताछ की जाएगी। ताकि गड़बड़ी की शिकायत में पुलिस किसी निष्कर्ष तक पहुंचे। क्योंकि 46.04 करोड़ रुपये के धान की कागजों में बिक्री दिखाकर गबन की जो शिकायत प्रशासन को मिली है। इसमें ट्रांसपोर्टर और आढ़ती के अलावा विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है।
गेटपास कटवाने से लेकर खरीद और मिलों में रखे स्टॉक की जांच तक की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होती है। इससे पहले अन्य मंडियों से सामने आ चुके 22.57 करोड़ रुपये के धान गबन में आढ़ती और ट्रांसपोर्टर की संलिप्तता सामने आ चुकी है। इसलिए पुलिस इस शिकायत में भी इनकी भूमिका जांच रही है।
शिकायत में दावा है कि दोनों मंडियों के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक और कुंजपुरा के हैफेड प्रबंधक ने मंडी में 743 और जुंडला में 594 फर्जी गेटपास काटकर फर्जीवाड़ा किया। असंध और कुंजपुरा की मंडियों में 150 गाड़ियों के कटे इन फर्जी गेटपास ने 47 राइस मिलों में 561401 बैग धान पहुंचाया। जबकि दावा है कि हकीकत में ये गाड़ियां कहीं गई ही नहीं। क्योंकि ई-खरीद पोर्टल पर इन गाड़ियों के जीपीएस लोकेशन और तय की गई दूरी शून्य दर्ज की गई है। ऐसी ही स्थिति जुंडला की मंडी में 594 फर्जी गेटपास में होने का आरोप है।
मामले की जांच कर रहे डीएसपी असंध गौरखपाल राणा और इंद्री के डीएसपी सतीश गौतम का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके लिए मामले से जुड़े सभी पक्षों से बात की जाएगी। उन्हें नोटिस देकर बुलाएंगे और पूछताछ की जाएगी। आढ़ती और ट्रांसपोर्टर से ही पूछताछ की जा रही है। विभागीय एजेंसियों से भी पूछताछ होगी। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री, उपायुक्त और एसपी के पास शिकायत पहुंचते ही डीसी के निर्देश पर एडीसी और दोनों एजेंसियों के जिला अधिकारियों व एसपी के निर्देश पर असंध और इंद्री के डीएसपी ने जांच शुरू कर दी है।
जांच हो तो सामने आएगा बड़ा घोटाला : विकास
तीनों मंडी में फर्जीवाड़े की शिकायत खराजपुर गांव निवासी विकास शर्मा ने की है। उनका आरोप है कि अक्तूबर और नवंबर माह में धान खरीद के दौरान दोनों मंडियों में विभागों के निरीक्षकों व अन्य अधिकारियों ने मिलीभगत करके कई गाड़ियों के फर्जी गेटपास तैयार किए। इसकी उच्च स्तरीय जांच होगी तो बड़ा घोटाला सामने आएगा।