करनाल के बसताड़ा टोल प्लाजा पर गुरुवार सुबह विस्फोटक और पाकिस्तानी पिस्टल के साथ धरे गए चारों आतंकियों का नेटवर्क खंगालने में अब एनआईए, आईबी सहित पांच राज्यों की पुलिस टीमें जुट गई हैं। इससे पहले बीते रोज धरे गए आतंकियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर 10 दिन की रिमांड पर लिया है। शुक्रवार को करनाल सीआईए-वन की टीम मुख्य आरोपी गुरप्रीत को लेकर पंजाब के चमकौर साहिब पहुंची थी, जहां जांच पड़ताल के बाद पंजाब और हरियाणा के कई अन्य स्थानों का भी मौका मुआयना किया जाएगा।
पूछताछ में यह सामने आया है कि धरे गए आतंकियों ने पहले भी कई बार विस्फोटकों की सप्लाई की है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आतंकियों ने बताया है कि अक्तूबर 2021 में अमृतसर के तरनतारन में भी विस्फोटक सामग्री सप्लाई की गई थी, वहीं पहले भी वे महाराष्ट्र के नांदेड़ में विस्फोटक सामग्री पहुंचा चुके हैं। इन विस्फोटक सामग्री में हैंड ग्रेनेड भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार मार्च में नेशनल हाईवे चंडीगढ़ अंबाला के नजदीक महर्षि मारकंडेश्वर विश्वविद्यालय के पास मिले तीन हैंड ग्रेनेड, डेटोनेटर, आईईडी व टाइमर रखने में भी गुरप्रीत, अमनदीप और आकाशदीप का हाथ था। ये विस्फोटक सामग्री हरियाणा और पंजाब के बार्डर से बरामद हुए थे।
करनाल में चार आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद पंजाब के फिरोजपुर पुलिस ने भी दो आतंकियों को पकड़ा है। ये दोनों करनाल में पकड़े गए चारों आतंकियों के ही साथी बताए जा रहे हैं। इसमें एक आकाशदीप और दूसरा जशनदीप है। इनके खिलाफ फिरोजपुर में ही मामला दर्ज है और पुलिस ने इन्हें पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। अब करनाल पुलिस इन आरोपियों को भी प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी, क्योंकि करनाल में पकड़े गए आतंकियों के अनुसार आकाशदीप के खेत से ही उन्हें ड्रोन के माध्यम से विस्फोटक सामग्री प्राप्त हुई थी। वहीं आकाशदीप और जशनदीप दोनों पकड़े गए आतंकी गुरप्रीत के साथ विस्फोटक सामग्री सप्लाई करने में पहले शामिल रह चुके हैं।
पकड़े गए आतंकियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। आतंकी गुरप्रीत को पंजाब के चमकौर साहिब सहित अन्य जगहों पर लेकर सीआईए-वन की टीम गई है। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है कि आतंकियों ने कहीं अन्य जगहों पर विस्फोटक सामग्री तो नहीं छिपाई हुई है, जिसे यह सप्लाई नहीं कर पाए हों। - गंगाराम पुनिया, एसपी करनाल।