शाहाबाद के कलसाना गांव निवासी कारपेंटर मोहन की हत्या मामले में पुलिस ने प्रेमिका की तलाश कर ली है। वह जनेसरों गांव की रहने वाली है। पुलिस के अनुसार हत्या की वारदात से पहले मोहन जनेसरो गांव में ही प्रेमिका से मिलने गया था, जहां उसके भाई ने देख लिया। इसके बाद कारपेंटर की हत्या कर दी गयी। पुलिस आरोपी की तलाश में रविवार को छापेमारी करती रही, लेकिन वह घर से फरार है। शुक्रवार को इंद्री लाडवा रोड पर अंधगढ़ के जंगल मे पुलिस को एक शव मिला था, जिसकी पहचान शाहाबाद के कलसाना गांव के रहने वाले 30 वर्षीय मोहन के रूप में हुई थी। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे मोहन के भाई सोहन की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। शुरू में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि मृतक इंद्री लाडवा रोड पर क्या करने पहुंचा, परंतु मोहन के भाई ने जब महिला के फोन कॉल की जानकारी पुलिस को दी तो सारी कहानी एकदम साफ हो गई। पुलिस के अनुसार जनेसरो की रहने वाली मोहन की प्रेमिका की शादी बराड़ा (अंबाला) के राहवा गांव में हुई थी। शादी के बाद से ही पति से उसकी अनबन रहने लगी। इस दौरान मोहन राहवा में ही अपने रिश्तेदार के यहां गया हुआ था, जहां दोनों की आपस में मुलाकात हो गई। इसके बाद दोनों एक दूसरे से मिलने जुलने लगे। मोहन की प्रेमिका महीना भर पहले ही अपने पति को छोड़कर अपने मायके (जनेसरो) आ गई थी। मोहन जनेसरो में ही अपनी प्रेमिका से मिलने आता था। वारदात के दिन भी मोहन जनेसरो आया हुआ था। थाना इंद्री के प्रबंधक सतपाल सिंह का कहना है कि पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
पहले गांव में की थी मोहन की पिटाई, फिर जंगल में फेंक दिया शव
बताया जा रहा है कि मोहन की प्रेमिका के भाई सहित अन्य आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया है। सभी आरोपी मोहन की गांव में पिटाई करने के बाद उसे मारने के लिए जगह तलाश करने लगे। जनेसरो से लेकर इंद्री तक बीच में कहीं भी जंगल नहीं पड़ता है। आरोपी पहले से जानते थे कि केवल अंधगढ़ के जंगल में ही वारदात को अंजाम देकर लाश को ठिकाने लगाया जा सकता है।