जिला प्रशासन द्वारा हाईकोर्ट के आदेश पर मंगलवार को सनौली ब्लाक के सनौली खुर्द गांव के तालाब, फिरनी व पंचायती जमीन से करीब 150 लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटाया जाना था। प्रशासन द्वारा अवैध कब्जे हटाने को लेकर पुलिस के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर 300-300 महिला व पुरुष कर्मचारियों की मांग की थी। मंगलवार को पुलिस बल नहीं मिलने से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई नहीं हो सकी। जिससे सनौली खुर्द गांव के तालाब, फिरनी व पंचायती जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले लोगों को कुछ दिन की राहत मिली है। दूसरी ओर मामले के शिकायतकर्ता महेंद्र चावला के भाई ने पुलिस थाने में पहुंचकर अपनी जान को खतरा बताया है।
तहसीलदार सौरभ शर्मा ने बताया कि अवैध कब्जा हटाने को लेकर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल उपलब्ध नहीं पाया गया और अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई को स्थगित करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि अब सनौली खुर्द खंड प्रशासन द्वारा अवैध कब्जा हटाने को लेकर अगली तारीख तय की जाएगी और उसी तारीख को ही अब अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे। बता दें कि गांव सनौली खुर्द के ही रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता महेंद्र चावला ने सनौली खुर्द गांव के तालाब से अवैध कब्जे हटाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी और उनकी याचिका पर ही हाईकोर्ट ने अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए गए है। महेंद्र चावला का कहना है कि गांव के तालाब पर अवैध कब्जा होने से अब गांव के गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और उन्होंने तो पानी की निकासी सही तरह से होती रहे, इसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका डाली थी।
देवेंद्र चावला ने बताया जान को खतरा-
देवेंद्र चावला ने आरोप लगाया कि गांव के मौजूदा सरपंच संजय त्यागी, पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा व प्रियंका शर्मा पूर्व महिला सरपंच के परिवार व उनके समर्थकों आदि से जान का खतरा है। देवेंद्र चावला द्वारा शिकायत देने के बाद सनौली खुर्द थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपियों से इस बारे में भी पूछताछ की लेकिन उन्होंने किसी प्रकार की धमकी देने से इंकार कर दिया।