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कोरोना को हराने वाले नहीं कर रहे प्लाज्मा दान

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जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में प्लाज्मा थैरेपी सबसे कारगार साबित हो रही है। लेकिन कोरोना से जंग जीत चुके मरीज प्लाज्मा दान करने से पीछे हट रहे हैं। जिले में अब जक 3651 लोग कोरोना से ठीक होकर घर जा चुके हैं, लेकिन 10 लोगों ने ही कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज स्थित प्लाज्मा बैंक में प्लाज्मा दान किया है। दस लोगों में भी ज्यादातर पुलिस कर्मी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना से ठीक होने वाले व्यक्तियों द्वारा प्लाज्मा डोनेट करना जरूरी है, क्योंकि इससे पॉजिटिव मरीजों को जल्द ठीक कर जीवन दान दिया जा सकता है।
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प्रदेश मेें करनाल, पंचकूला, रोहतक और फरीदाबाद सहित चार प्लाज्मा बैंक हैं। सीएम मनोहर लाल ने करनाल में इसका उद्घाटन 17 अगस्त को किया था। बताया जा रहा है कि लोगों में भ्रांति है कि प्लाज्मा दान करने से कोरोना फिर से चपेट में न ले सकता है। इसलिए भी लोग हिचक रहे हैं। प्लाज्मा बैंक उद्घाटन के दौरान सीएम ने आह्वान किया था कि कोरोना से ठीक हो चुके 10 से 60 साल की उम्र का कोई भी स्वस्थ व्यक्ति प्लाज्मा दान कर सकता है। उद्घाटन पर सीएम ने चार प्लाज्मा दाताओं को सम्मानित किया था जिसके बाद छह ओर लोगों ने दान किया।
यह है प्लाज्मा थेरेपी
प्लाज्मा थेरेपी में एंटीबॉडी यूज होता है। वायरस के विरुद्ध एंटीबॉडी तभी बनता है, जब कोई उससे पीड़ित होता है। अभी कोरोना फैला है। मरीज ठीक होने पर उसके शरीर में कोरोना विरुद्ध एंटीबॉडी बन जाता है।
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एक साल तक कर सकते हैं स्टोर
कोरोना से ठीक हुआ व्यक्ति क्वारंटीन पीरियड खत्म होने के बाद प्लाज्मा दान कर सकता है। एक डोनर के रक्त से निकाले गए प्लाज्मा से दो मरीजों का इलाज किया जा सकता है। एक बार में 200 मिलीग्राम प्लाज्मा चढ़ाते हैं। किसी डोनर से प्लाज्मा लेने के बाद माइनस 60 डिग्री पर 1 साल तक स्टोर किया जा सकता है।
प्लाज्मा डोनेट करना समाज सेवा
सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बलजीत सिंह जिन्होंने कोरोनो को हराकर प्लाज्मा डोनेट किया था, उनका कहना है कि लोगों को बिना डरे प्लाज्मा डोनेट करने के लिए आगे आना चाहिए। यह एक समाज सेवा है।
एक प्लाज्मा दाता बचा सकता है दो मरीजों की जान
अब तक केवल 10 लोगों ने ही प्लाज्मा दान किया है। हम लगातार कोरोना से ठीक हो चुके लोगों से संपर्क कर रहे हैं। बैंक में 400 यूनिट तक प्लाज्मा स्टोर करने की कैपेसिटी है। प्लाज्मा थेरेपी कोविड रोगियों के लिए जीवनरक्षक बनकर उभरी है। एक प्लाज्मा दाता दो रोगियों की जान बचा सकता है।
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-डा. सचिन, ब्लैड बैंक इंचार्ज, कल्पना चावला मेडिकल कालेज
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