बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत एक बड़ी चुनौती होती है। विभिन्न विभाग इन सड़कों के गड्ढे भरने की करोड़ो रुपये की कार्य योजना बनाकर देते हैं। बड़ी धनराशि स्वीकृत भी होती है, लेकिन इनकी गुणवत्ता की जांच कम ही हो पाती है। मार्केटिंग बोर्ड से संबंधित कुल 310 सड़कों केगड्ढे भरे जा रहे हैं, इसमें 154 सड़कें दोष दायित्व अवधि (डीएलपी) की है, शेष 321.95 किमी लंबाई वाली 156 सड़कों पर मार्केटिंग बोर्ड करनाल गड्ढे भरने का कार्य कर रहा है। इन पर करीब 2.25 करोड़ रुपये व्यय किए जाने हैं। सरकार ने 12 दिसंबर तक सड़कों गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद भी करनाल अनाज मंडी के दूसरे गेट के सामने से गुजर रही करीब 30 गांवों को जोड़ने वाला वजीदा रोड अभी भी खस्ताहाल है।
बारिश का मौसम बीत चुका है, पिछले डेढ़ महीने से विभिन्न विभागों ने अपनी कार्ययोजना बनाकर गड्ढ़े भरने का कार्य शुरू कर दिया है। लेकिन अभी भी शहर के अंदर व बाहर सड़कों पर बड़े बड़े गड्ढ़े दिखाई दे रहे हैं। इधर मार्केटिंग बोर्ड करनाल के कार्यकारी अभियंता विजेंद्र सिंह ने बताया कि जिलेभर की अनाज मंडियों को जोड़ती व उनके आसपास की करीब 310 सड़कों पर गड्ढे भरने का कार्य किया जाएगा। इन 310 सड़कों में 154 सड़कें तो ऐसी हैं जो डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के अंतर्गत हैं, इसलिए इन सड़कों के गड्ढे भरने के लिए उन्हीं ठेकेदारों को कहा गया है कि जिन्होंने सड़कों का निर्माण किया है। इनमें अधिकांश पर कार्य हो चुका है, इसके अलावा 156 सड़कों पर गड्ढे भरने का कार्य मार्केटिंग बोर्ड द्वारा किया जा रहा है। इनकी कुल लंबाई 321.95 किमी है।
-डीएलपी की सड़कों में भी गड्ढे भरने का कार्य करा दिया गया है, मार्केटिंग बोर्ड ने भी 156 में 130 सड़कों पर गड्ढे भरने का कार्य पूरा कर लिया है, आगामी दो तीन दिनों में ही शेष सड़कों का गड्ढे भर दिए जाएंगे। लगातार कार्य का निरीक्षण किया जा रहा है। जो वजीदा रोड पर गडढ़े भरने का मामला है, वह सड़क स्मार्टसिटी ने मरम्मत के लिए अपनी अधीन ले ली है, शीघ्र उसका निर्माण शुरू हो जाएगा।
विजेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता, मार्केटिंग बोर्ड करनाल। (फोटो-1001)
-अनाज मंडी के मुख्य गेट पर तो सड़कों की स्थिति कुछ ठीक है लेकिन मंडी के दूसरे गेट पर वजीदा रोड है, इससे वजीदा, बड़ौता, घोघड़ीपुर, समालका आदि करीब 30 गांव जुड़े हैं। इसी मार्ग पर कई राइस मिल भी हैं लेकिन सड़क की हालत बेहद खस्ता है। मंडी प्रशासन कहता है कि स्मार्टसिटी से बनेगी, स्मार्टसिटी वाले कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। किसानों व आसपास के लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
राज कुमार सिंगला, उप प्रधानअनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल। (फोटो-1002)
-मंडी के दूसरे गेट से होकर गुजरने वाली ब्रह्मानंद चौक से वजीदा गांव की ओर जाने वाली सड़क पर ही अनाज मंडी के साथ साथ सब्जी मंडी, फल मंडी भी है। जहां हर रोड मध्यरात्रि के बाद से ही सब्जियों व फलों के वाहनों का आना जाना शुरू हो जाता है और सुबह को बड़ी संख्या में शहर के लोग सब्जी व फल खरीदने जाते हैं, जिन्हें सड़क के पूरी तरह टूटी होने से भारी परेशानी होती है, इसे प्राथमिकता के आधार पर बनवाया जाना चाहिए।
-राजेश अरोड़ा, सचिव अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल। (फोटो-1003)