मेरठ रोड पर शुगरमिल के पास शुक्रवार को बाइक और साइकिल की टक्कर में मारे में साइकिल सवार श्रमिक की मौत पर गुस्साए उसके परिजनों और लोगों ने शनिवार को शव मेरठ रोड पर रखकर जाम लगा दिया।
नाराज लोगों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ कड़ी नारेबाजी कर गुस्सा जताया। घटना में मारे गए एमसी कॉलोनी निवासी राजेंद्र सिंह (35) के परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
इस दौरान करीब तीन घंटे लोग सड़क पर बैठे रहे। इस कारण हरियाणा से उत्तर प्रदेश को जाने और आने वाले दोनों मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
नाराज प्रदर्शनकारियों ने मौके पर पहुंचे डीएसपी सुनील कुमार और थाना सदर प्रभारी गौरखपाल राणा की भी नहीं सुनी और जमकर बवाल काटा। करीब तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम ने किसी तरह सरकार से श्रमिक के परिजनों की संभव मदद कराने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम को करीब सात बजे मेरठ रोड पर शुगरमिल के पास एक बाइक की टक्कर लगने से साइकिल सवार राजेंद्र सिंह की मौके पर मौत हो गई थी। मौके पर पहुंची पीसीआर-10 के पुलिस कर्मियों ने शव को कब्जे में लेकर कल्पना चावला मेडिकल कालेज भेजा था।
दूसरी ओर इन्हीं पुलिस कर्मियों ने घायल बाइक सवार तीन लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। इस बात पर श्रमिक के निकट संबंधी और क्षेत्र के लोग पुलिस से खफा हो गए। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद 12 बजे लोगों ने शव को मेरठ रोड पर एमसी कॉलोनी के पास बीच सड़क में रखा और जाम लगा दिया। जाम से उत्तर प्रदेश की ओर गांव शेखपुरा और करनाल की ओर मेरठ रोड चौक तक वाहन जाम में फंस गए।
जाम की सूचना मिलने पर थाना सदर प्रभारी गौरखपाल राणा मौके पर पहुंचे। नाराज प्रदर्शनकारियों ने राणा की एक नहीं सुनी। बाद में डीएसपी सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। लोगों ने उनकी बात भी नहीं मानी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बाइक पर सवार तीनों लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
अन्यथा जाम नहीं खोला जाएगा। जाम की सूचना मिलने पर एसडीएम मुकुल कुमार मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई कराने और सरकार की योजना के तहत आर्थिक तौर पर संभव मदद कराने का आश्वासन देकर करीब तीन बजे जाम खुलवाया।