संवाद न्यूज एजेंसी
निसिंग (करनाल)। शहर के गुरु तेग बहादुर खालसा स्कूल के पीछे पड़ी विवादित करीब ढाई एकड़ कृषि भूमि पर कब्जा लेने के लिए पंजाब से सैकड़ों लोग ट्रैक्टरों व गाड़ियों में पहुंचे और गेहूं की बिजाई शुरू करने लगे। इसकी सूचना दूसरे पक्ष ने पुलिस को दी। थाना प्रभारी जगदीश पांडे दलबल के साथ पहुंच ट्रैक्टरों से खेत में बुवाई का कार्य रुकवा दिया और दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है।
रोड़ी गुरुद्वारा कमेटी प्रधान सिंद्र सिंह, उपप्रधान विरेंद्र पाल सिंह, पूर्व प्रधान ज्ञानी गुरदीप सिंह बरियार, कुलदीप सिंह बब्बर, मान सिंह लागर, जोगिंद्र सिंह, गुरपेज सिंह, सर्वजीत सिंह, मुख्तयार सिंह, निशांन सिंह चीमा, सूखा सिंह लागर, कुलवीर सिंह, साहब सिंह, हरपाल सिंह, केवल सिंह, बाज सिंह, जगपाल सिंह व तखत सिंह आदि का कहना है कि निसिंग वासियों ने 66 कनाल 19 मरले जमीन बाबा चरण सिंह को दान में दी थी।
करीब 43 कनाल 17 मरले जमीन पर गुरु तेग बहादुर खालसा स्कूल व माता सुंदरी खालसा महिला महाविद्यालय को 99 वर्षों के लिए पट्टा करवा वर्ष 1994 में एसजीपीसी को दी गई थी। उन्होंने बताया कि 23 कनाल दो मरले जमीन संत बाबा बलविंद्र सिंह व नरेंद्र सिंह हजूर साहिब वालों को दान में दी गई है।
उक्त लोगों ने आरोप लगाते हुए बताया कि संत बाबा चरण सिंह की करीब दो माह उपचार के दौरान कोमा में चले जाने के दौरान बाबा की वसीयत पर अंगूठा लगवाया गया था, जबकि बाबा चरण सिंह हस्ताक्षर करते थे। इसके बाद उनकी कुरुक्षेत्र के एक अस्पताल में 22 अक्तूबर 2018 को मौत हो गई थी।
बाबा चरण सिंह की मौत के बाद पंजाब के पटियाला वाले बाबा अमरीक सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी वसीयत बनवाकर यह जमीन अपने नाम करवा ली। वहीं यह जमीन निसिंग वासियों की है। इस जमीन पर बाहरी लोगों का नाजायज कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। दोनों ही पक्ष जमीन पर दावा कर रहे हैं।
पंजाब से आए व्यक्ति करीब ढाई एकड़ जमीन पर ट्रैक्टरों से जुताई कर रहे थे, उन्हें समझा कर शांत किया। झगड़े की आशंका को देखते हुए भारी पुलिस बल को तैनात किया गया। दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर झगड़ा न करने के लिए कहां गया है। - जगदीश पांडे, थाना प्रभारी निसिंग।