माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अक्सर देखा गया है कि जमीन खरीदने के बाद कई लोग उसकी रजिस्ट्री काफी देरी से कराते हैं, जो रजिस्ट्री कराते भी हैं तो निगम कार्यालय में अपडेट कराना भूल जाते हैं। ऐसे लोगों को अब रजिस्ट्री कराने के 90 दिन के बाद प्रतिदिन के हिसाब से 50 रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा। यह जुर्माना अधिकतम पांच हजार रुपये फीस के अतिरिक्त होगा। निगम के इस आदेश के बाद कई लोग निगम कार्यालय पहुंचे हैं, जिन्होंने रजिस्ट्री कराने के 10 से 11 साल बाद भी जमीन को अपडेट नहीं कराया है।
नगर निगम क्षेत्र में जो भी जमीन खरीदी बेची जाती है, उसे निगम कार्यालय में अपडेट कराना आवश्यक होता है। जो जमीन खरीदकर उसकी रजिस्ट्री कराता है, उसे निगम कार्यालय में आकर निगम अभिलेखों में रजिस्ट्री की प्रति लाकर अपडेट कराना होता है। निगम की व्यवस्था के अनुसार रजिस्ट्री कराने के 90 दिन तक निशुल्क अपडेट होता है। इसके बाद एक साल तक एक हजार रुपये विलंब शुल्क, दो साल तक दो हजार रुपये, तीन साल तक तीन, चार साल तक चार व पांच साल तक या उसके बाद तक अधिकतम पांच हजार रुपये विलंब शुल्क देना होता है। देखा गया है कि जिन लोगों को पांच साल से अधिक हो जाते हैं तो वह ये मानकर बैठे रहते हैं कि अब तो पांच हजार रुपये ही देने होंगे, चाहे कभी भी अपडेट कराएं।
सर्वे में आई समस्याएं
लोगों के जमीन अपडेट नहीं कराने के कारण नई प्रॉपर्टी आईडी के सर्वे में बड़ी समस्याएं सामने आई हैं। कई लोग इन दिनों निगम कार्यालय आ रहे हैं। सर्वे कंपनी ने नई प्रॉपर्टी आईडी तो उनके नाम बना दी, जो मौके पर संपत्ति पर रह रहे हैं, उन्हें असिस्टमेंट नोटिस भी जारी कर दिए हैं, लेकिन वास्तव में निगम के रिकॉर्ड में जमीन उनके नाम ही नहीं है, इसलिए ऐसे लोग प्रॉपर्टी टैक्स आदि जमा ही नहीं कर पाएंगे, क्योंकि निगम के रिकॉर्ड में जमीन अभी पुराने मालिक के नाम पर है, जबकि असिस्टमेंट नोटिस नए मालिक के नाम पर जारी कर दिया गया है।
एनडीसी मांग रहे
अशोक विहार के यादराम ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी तो उनके नाम है, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में भवन पूर्व मालिक के नाम है। जमीन तो कई साल पहले ही खरीद ली थी, भुगतान देकर कब्जा भी ले लिया था, लेकिन आपसी मामला होने के कारण रजिस्ट्री नहीं कराई। अब प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने जाते हैं तो वह कहते हैं रजिस्ट्री लाइए, रजिस्ट्री कराने जाते हैं तो वह कहते हैं अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनडीसी) लाओ। एनडीसी तभी जारी होगी, जब जमीन नाम होगी। कई अधिकारियों के पास घूम रहे हैं, समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
रजिस्ट्री के बाद निगम कार्यालय पर भूमि अपडेट कराने के लिए 90 दिन फ्री होते हैं। यह अवधि बीतने के बाद से प्रतिदिन के हिसाब से 50 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना विलंब शुल्क के अतिरिक्त होगा। 91 दिन से जिस दिन तक संबंधित संपत्तिधारक अपडेट कराएगा, उस दिन तक 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा।
- शंभू राठी, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम करनाल