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Haryana: मंडियों में पहुंचा धान, बासमती के भाव के प्रति किसान भी उत्साहित, यह मिल रहा रेट

Sun, 04 Sep 2022 03:06 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, करनाल (हरियाणा)

सार

सरकार इस धान को खरीदती नहीं लेकिन बंपर पैदावार को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इसे ई-नेम से जोड़ दिया है। बासमती प्रजाति का धान पिछले साल से डेढ़ गुने रेट पर बिक रहा है।
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करनाल अनाज मंडी में बासमती 1509 किस्म के धान का गेट पास लेते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पिछले दो महीने से लगातार हरियाणा की करनाल अनाज मंडी में बासमती की 1509 प्रजाति के धान की आवक करीब छह लाख क्विंटल को पार कर गई है। विदेशों में भारतीय बासमती के चावल की मांग बढ़ने से राइस मिलर्स भी इसे हाथो हाथ खरीद रहे हैं। यही कारण है कि पिछले साल से चारगुना अधिक आवक होने के बावजूद किसानों को पिछले साल से डेढ़गुना भाव मिल रहा है। जिससे किसान भी बासमती प्रजातियों के धान के उत्पादन को लेकर उत्साहित है।

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उल्लेखनीय है कि सरकार इस धान को खरीदती नहीं लेकिन बंपर पैदावार को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इसे ई-नेम से जोड़ दिया है। जिससे सरकार को मंडी शुल्क व एचआरडीएफ की प्राप्ति हो सके। हरियाणा सरकार ने बासमती की 1509 सहित सभी प्रजातियों के धान को ई-नेम योजना से जोड़ दिया है।

 

अब तक सिर्फ गेट पास जारी होता था लेकिन अब ई-नेम पोर्टल के माध्यम से खरीद फरोख्त हो रही है। जिसमें राइस मिलर्स व व्यापारी को ऑनलाइन धान की खरीदारी दिखानी पड़ रही है। इसके लिए राइस मिलर्स को सेल एग्रीमेंट, विक्रय बिल आदि भी जारी करना पड़ रहा है।


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तात्पर्य ये है कि भले ही सरकार इस धान को खरीद नहीं रही हो लेकिन सरकार के पास इस धान का पूरा रिकॉर्ड रहेगा और से दो प्रतिशत एचआरडीएफ सहित कुल चार प्रतिशत मंडी शुल्क भी मिलेगा। इस नई व्यवस्था से राइस मिलर्स या व्यापारी मनमाने तरीके से धान की खरीदारी करके टैक्स चोरी नहीं कर पाएंगे। वहीं, दूसरी ओर किसान उत्साहित है, सीमांत किसानों का जो रिश्ता मंडी आढ़तियों से मोटे धान को लेकर टूट चुका था, वह रिश्ता भी फिर से बनने लगा है, क्योंकि 1509 प्रजाति के धान को यूपी से हरियाणा आने पर कोई रोक नहीं है। 

 

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हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन करनाल के उपप्रधान राज कुमार सिंगला ने बताया कि 1509 सहित बासमती प्रजातियों के उत्पादन को लेकर किसान उत्साहित हैं। विदेशों में बासमती के चावल की मांग बढ़ने से राइस मिलर्स और निर्यातक भी उत्साहित हैं। यही कारण है कि पिछले साल करनाल मंडी में करीब 2.5 लाख क्विंटल की आवक हुई थी, जबकि इस बार अभी तक ही आवक छह लाख क्विंटल के पास हो चुकी है। भाव में पिछले साल 2500 रुपये था, इस बार 3600 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है।

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यूपी से आने वाले धान में आई कम
पिछले दो तीन दिनों से उत्तर प्रदेश से आने वाले धान में कमी आई है लेकिन हरियाणा के किसानों का धान मंडियों में पहुंचने लगा है। मंडी सचिव नरेश मान ने बताया कि अब अनाज मंडी में 1509 धान की आवक 8000 से 10 हजार क्विंटल प्रतिदिन रह गई है, जो पिछले सप्ताहभर पहले तक करीब दोगुनी थी। लेकिन अब हरियाणा के किसान अपना धान लाने लगे है, जिसमें दस सितंबर के बाद वृद्धि हो सकती है।

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