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Karnal News: धान खरीद और स्टॉक में हेराफेरी, मिलर्स के साथ निरीक्षकों की भूमिका भी संदिग्ध

Tue, 18 Nov 2025 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। धान खरीद और स्टॉक में हेराफेरी में मिलर्स के साथ-साथ खरीद एजेंसियों के निरीक्षकों की भूमिका भी संदिग्ध है। राइस मिल संचालकों के साथ-साथ स्टॉक की देखरेख की जिम्मेदारी इनकी भी थी। दोहरी निगरानी होने के बाद भी जांच में स्टॉक कम मिल रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कई क्विंटल धान कहां चला गया।

धान घोटाले के बाद जिलेभर में राइस मिलों का भौतिक सत्यापन जारी है। अब तक गड़बड़ी सामने आने के बाद अलग-अलग थानों में पांच एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। छह अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
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डीएफएससी अनिल कुमार की ओर से केस दर्ज कराए जाने के बाद से संबंधित निरीक्षक ड्यूटी से नदारद हैं। उनकी विभागीय जांच जारी है। अभी तक कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस की ओर से दर्ज की गई पांच एफआईआर में शामिल पाए जाने पर सरकार ने हैफेड के जिला मैनेजर अमित कुमार, करनाल मार्केट कमेटी की सचिव आशा रानी, मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली, ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल, हैफेड मैनेजर असंध सुरेंद्र, निरीक्षक अशोक को निलंबित किया जा चुका है।
करनाल शहर थाने में दर्ज हुए मामले में पुलिस आरोपी मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली और दो कंप्यूटर ऑपरेटर अंकुश और अंकित को गिरफ्तार करके उनसे पांच लाख 25 हजार रुपये बरामद कर चुकी है। तीनों जेल भेजे जा चुके हैं। असंध में हुए घोटाले में भी आरोपी शीशपाल को पुलिस जेल भेज चुकी है। आरोपी सुनील गोयल को पांच दिन का रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।





केस-1

दो मिलों में 33052 क्विंटल धान कम मिला
असंध में राधे-राधे और अग्रवाल राइस मिल में 9.25 करोड़ रुपये का धान घोटाला हुआ था। असंध क्षेत्र की दो राइस मिलों की जांच में 33052 क्विंटल धान की कमी पाई गई थी। इस धान की कीमत खर्च सहित लगभग 9.25 करोड़ रुपये है। जांच के बाद 4 नवंबर को हैफेड के प्रबंध निदेशक मुकुल कुमार ने जिला प्रबंधक (हैफेड) अमित कुमार, मैनेजर सुरेंद्र और निरीक्षक अशोक को निलंबित कर दिया था। जांच में सामने आया कि अग्रवाल एंड सन्स राइस मिल असंध को कुल 39,460 बैग धान दिया गया था। मौके पर सिर्फ 13,220 ही बैग मिले। 26240 बैग यानी 9840 क्विंटल धान कम मिला। राधे-राधे राइस मिल को कुल 1,48,113 बैग धान के दिए गए थे। सत्यापन में मौके पर 86,215 बैग ही मिले। यहां 61,898 बैग यानी 23,212 क्विंटल धान कम मिला।
- जांच : असंध थाना पुलिस ने राधे-राधे मिल संचालक शीशपाल को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। उससे कुछ बरामद नहीं हो पाया। दोनों मिल के मामले में सुनील गोयल की संलिप्तता सामने आई थी। सुनील को पहले दो दिन के रिमांड पर लिया गया था। कुछ डिजिटल साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे थे लेकिन उसने जांच में ज्यादा सहयोग नहीं किया था। बाद में तीन दिन का रिमांड लिया गया। सुनील गोयल से कुछ भी बरामद नहीं हो पाया है। पुलिस मंगलवार को सुनील को फिर कोर्ट में पेश करेगी।
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केस नंबर- 2

निलंबित मंडी सचिव अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर

करनाल की अनाज मंडी में फर्जी गेट पास जारी करने के मामले में 4 नवंबर को मंडी बोर्ड के डीएमईओ ईश्वर सिंह की शिकायत की थी। मंडी सचिव आशा रानी समेत राजेंद्र कुमार निवासी बुढ़नपुर वीरान इंद्री, अमित कुमार निवासी जुंडला दादुपुर रोडान और अजय कुमार निवासी खेड़ीनरू के खिलाफ शहर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था।

- जांच : मामले की जांच सीआईए टू कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मंडी में कुछ गेटपास मंडी के बाहर के आईपी एड्रेस पर जारी किए गए थे। पुलिस ने फर्जी गेट पास काटने में सचिव के साथ शामिल मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली को गिरफ्तार किया है। रिमांड के दौरान उससे पांच लाख रुपये बरामद हुए। दो कंप्यूटर ऑपरेटर यूपी गंगोह के डबलोका गांव निवासी अंकुश और अंकित को भी गिरफ्तार किया गया है। दोनों से 25 हजार रुपये बरामद हुए हैं। तीनों को जेल भेजा जा चुका है। आरोपी सचिव आशा रानी, मंडी सुपरवाइजर पंकज तुली और ऑक्शन रिकॉर्डर यशपाल को निलंबित किया जा चुका है। फिलहाल सीआईए टू की टीम मुनीमों और आढ़तियों से पूछताछ कर रही है। आरोपी आशा रानी, राजेंद्र कुमार, अमित कुमार और अजय कुमार को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

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केस नंबर-3

1032.5 क्विंटल धान कम, कोई गिरफ्तारी नहीं
सलारू गांव में स्थित बतान फूड्स को 25129.87 क्विंटल धान अलॉट हुआ था। बतान फूड्स के संचालक सतीश कुमार की मौजूदगी में दो स्थानों बतान फूड्स गांव सलारु में 33,254 बैग और भाटिया ओपन प्लेटी जुंडला में 30,853 बैग की गणना करवाई गई थी। मिल को दो अलग-अलग जगह धान रखने की अनुमति नहीं थी। 1032.5 क्विंटल धान कम पाया गया था। 30 अक्तूबर को जिला खाद्य आपूर्ति एवं नियंत्रक अनिल कुमार की शिकायत पर थाना सदर में बतान फूड्स के संचालक सतीश कुमार, अनाज मंडी घरौंडा के निरीक्षक यशवीर सिंह, मंडी जुंडला के निरीक्षक संदीप शर्मा, मंडी करनाल के निरीक्षक समीर वशिष्ठ और मंडी निसिंग के निरीक्षक लोकेश खिलाफ सदर थाने में गबन का केस दर्ज किया गया था।

जांच : राइस मिलर्स पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। निरीक्षक ड्यूटी से नदारद हैं।

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केस- 04

सांभली में सचिव और निरीक्षक पर केस दर्ज

27 अक्तूबर को सांभली में बीआरसी ओवसीज के धान स्टॉक की जांच की गई। 59049 बोरी धान (2538.720 मीट्रिक टन) और 1742 मीट्रिक टन चावल (2600 मीट्रिक टन धान के बराबर) पाया गया। रिकाॅर्ड में मिल ने 1,59,833 बोरी धान प्राप्त किया गया दिखा गया। 855 मीट्रिक टन का स्टॉक कम मिला। मिल की तरफ से टीम को बताया गया कि धान की बाकी बोरियां सग्गा सब-यार्ड में रखी गई हैं। मार्केट कमेटी सचिव का हस्ताक्षरयुक्त पत्र भी पेश किया गया। इसमें दूसरी जगह की अनुमति दी गई थी जबकि ऐसा नहीं किया जा सकता था।

जांच : डीएफएससी की जांच में सामने आया कि 855 मीट्रिक टन धान कम है। मार्केट कमेटी सचिव संजीव सचदेवा और निरीक्षक ने गलत तरीके से अनुमति दी है। दोनों की मिलीभगत पाए जाने पर उनके खिलाफ तरावड़ी थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया।
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केस -05

यूनाइटिड फूड मिल के मालिक पर केस दर्ज

रविवार को जिला प्रशासन की ओर से किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान शेखपुरा खालसा के यूनाइटेड फूड राइस मिल में एक हजार मीट्रिक टन धान गायब मिला। इस धान की कीमत लगभग 2.38 करोड़ रुपये आंकी गई है। डीएफएससी अनिल की शिकायत पर मिल मालिक नसीब सिंह, साझेदार संतोष रानी पर गबन का केस दर्ज किया गया था।

जांच : मामले को लेकर बुटाना पुलिस पूछताछ कर रही है।


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