करनाल। स्वामित्व योजना के तहत जिले को 30 सितंबर तक लाल डोरा मुक्त किया जाना है। लेकिन एसओआई यानी सर्वे ऑफ इंडिया के अंतिम नक्शे के इंतजार में योजना के तहत कार्य अटका हुआ है। नक्शा मिलने के बाद ही प्रॉपर्टी आईडी बनाने और रजिस्ट्री करने का कार्य शुरू हो पाएगा। जिले में योजना के तहत 55 गांवों में अभी मामलों पर दावे और आपत्तियां भी लगी हैं। इन्हें भी रजिस्ट्री करने से पहले दूर करना होगा।
यह जानकारी उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने सोमवार को हरियाणा के वित्तायुक्त (राजस्व) संजीव कौशल को दी। वित्तायुक्त चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जुड़कर योजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उपायुक्त ने बताया कि जिले में अब तक करीब 28 हजार रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं। 175 गांवों को लाल डोरा से मुक्त किया जा चुका है। 387 गांवों में ड्रोन मैपिंग का कार्य पूरा हो चुका है। सर्वे ऑफ इंडिया से अंतिम नक्शे का इंतजार है।
वित्तायुक्त ने निर्देश दिए कि रजिस्ट्री के कार्य को जल्द पूरा करने के लिए ग्राम सचिव व पटवारी को प्रत्येक दिन का लक्ष्य देना होगा और नोडल अधिकारी इसकी समीक्षा करेंगे। अगर कहीं कार्य में ढील नजर आती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही होगी। वहीं वीसी के बाद डीसी ने तहसीलदार व बीडीपीओ को निर्देश दिए कि वे रजिस्ट्री के कार्य में तेजी लाएं और जो दावे व आपत्तियां लंबित रह गई है, उनका जल्द समाधान करें। बैठक में एसडीएम गौरव कुमार, सुमित सिहाग, डीआरओ श्याम लाल, डीडीपीओ राजबीर खुंडिया और तहसीलदार राजबख्श मौजूद रहे। ब्यूरो