माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जेल से जमानत पर बाहर आए सूरज नगर निवासी मिस्त्री नाथीराम (40) ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की जेब से मिली पर्ची में उसके साले पर प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। वर्ष 2017 में मृतक की पत्नी ने भी फंदा लगाकर जान दी थी। इसी मामले में नाथीराम जेल में बंद था। 15 साल की सजा काट रहा था। अभी कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर बाहर आया था।
शिकायत के आधार पर सेक्टर-32 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। सेक्टर-32 के थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि नाथीराम बुधवार को सुबह अपने बड़े भाई के घर गया था और वहां चाय पीने के बाद घर लौट आया। कुछ देर बाद उसकी बेटी घर पहुंची तो देखा कि पिता का शव पंखे से लटका हुआ था। बेटी ने ताऊ और भाई-बहनों को सूचना दी। भाई राममेहर मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस और एफएसएल टीम ने शव को कब्जे में लिया। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से पर्ची मिली। पुलिस का कहना है कि पर्ची की लिखावट की जांच की जाएगी कि क्या नाथीराम ने ही इसे लिखा था।
जहां मां ने दी जान, वहीं पिता को लटका देखा
भाई राममेहर ने बताया कि नाथीराम की दो बेटियां और एक बेटा हैं। वर्ष 2017 में घर के इसी कमरे में पंखे से बांधे फंदे से लटककर उनकी मां ने आत्महत्या की थी। वीरवार को इसी तरह बच्चों ने अपने पिता को फंदे से लटका देखा। उनका कहना है कि भाई का परिवार पूरी तरह से बिखर गया है। इन बच्चों ने पहले अपनी मां और अब पिता को खो दिया।
सात साल से जेल में बंद था नाथीराम
पत्नी की आत्महत्या के मामले में नाथीराम करीब सात साल से जेल में बंद था। अभी आठ साल की सजा और उसे काटनी थी। पुलिस के अनुसार, पर्ची में लिखा है कि उसकी पत्नी ने आठ साल पहले फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। उस समय साले ने ही उसे फंसाकर जेल भिजवा दिया था। जेल से बाहर आने के बाद भी वह लगातार परेशान कर रहा था, जिसकी वजह से उसने यह कदम उठाया।
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