करनाल। मौसम के बदलते तेवरों के बीच कभी भी आंधी आने की संभावना रहती है, ऐसे में कहीं भी आग भड़कने की आशंका रहती है, लेकिन हैरत की बात है कि स्मार्ट सिटी में करीब 20 हजार से अधिक व्यावसायिक भवनों में से सिर्फ 471 स्वामियों ने ही अग्निशमन विभाग से एनओसी ली है। शेष किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल या अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठान ने एनओसी नहीं ली है।
वाणिज्यिक हो या औद्योगिक या बड़े आवासीय भवन, मानकों के अनुसार अग्निशमन विभाग से एनओसी लेनी होती है। इसका हर साल नवीनीकरण भी कराना आवश्यक है। प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर कई बड़ी अग्नि दुर्घटनाएं सामने आती हैं। जिले में भी पिछले दिनों एक बैंक्वेट हॉल में आग धधक चुकी है, जिसमें लाखों का नुकसान हो चुका है। इसके बावजूद खासकर वाणिज्यिक भवन स्वामी अग्निशमन यंत्रों को लगाने व विभागीय एनओसी लेने के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। देखने वाली बात ये भी है कि अग्निशमन विभाग भी इसके प्रति गंभीर नहीं है।
नोटिस जारी कर खानापूर्ति
यदि कोई दुर्घटना सामने आती है तो जवाब देने के लिए हर साल कुछ नॉन एनओसी भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर दिए जाते हैं, इसके बाद फिर भूल जाते हैं। ऐसे भवन स्वामियों पर कभी कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई है और न ही बिना एनओसी लेने वालों की नियमित चेकिंग की जा रही है। हालांकि शहर में अस्पतालों और औद्योगिक इकाइयों में तो अग्निशमन यंत्रों की स्थापना देखी जा रही है, लेकिन जिले में बड़ी संख्या में ऐसे होटल, बैंक्वेट हॉल, मैरिज हॅाल, रेस्टोरेंट और कॉमर्शियल भवन हैं, जहां न तो अग्निशमन यंत्र स्थापित हैं न ही उन्होंने विभाग से किसी तरह की एनओसी ली है। ये दीगर बात है कि ये वाणिज्यिक संस्थान संचालक बीमा करा लेते हैं, यदि आग लग भी जाती है तो उनके नुकसान की भरपाई हो जाती है, लेकिन यदि ये आग भड़क गई या फिर कोई जानमाल का नुकसान हो गया तो उसकी भरपाई कैसे होगी। जिलेभर में पांच अग्निशमन केंद्र हैं, वहां अग्निशमन वाहन भी हैं, लेकिन कर्मचारियों की भारी कमी है।
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औद्योगिक भवन जोड़कर ज्यादा हो सकती है संख्या
नगर निगम के टैक्स अनुभाग के आंकड़ों के अनुसार करीब 16 हजार वाणिज्यिक भवन हैं। इसके अलावा शहर के कुछ सेक्टर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के पास भी हैं, उनमें भी करीब चार हजार से अधिक वाणिज्यिक प्रतिष्ठान हैं। कुल मिलाकर शहरी क्षेत्र में 20 हजार से अधिक सिर्फ वाणिज्यिक भवन हैं, इनमें औद्योगिक भवन जोड़ दिए जाएं तो इनकी संख्या कहीं अधिक हो सकती है।
लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
-अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों में नियमानुसार अग्निशमन यंत्र हैं, एनओसी भी ली है। करनाल में एक अप्रैल 2021 से 31 मार्च-2022 तक बैंक्वेट हॉल, होटल, रेस्टोरेंट आदि को मिलाकर 471 भवन स्वामियों ने विभाग से इस साल एनओसी ली है। एनओसी लेने व अग्निशमन यंत्र मानकों के अनुसार स्थापित करने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। निरीक्षण भी किया जाएगा। मानक के अनुसार यदि अग्निशमन यंत्रों की स्थापना न पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- राजीव भारद्वाज, जिला अग्निशमन अधिकारी करनाल