करनाल। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जब नेशनल हाईवे-44 के खुले नालों पर स्लैब लगाकर ढकने का एजेंडा सामने आया तो एडीसी योगेश कुमार मेहता ने एनएचएआई के अधिकारियों जवाब तलबी की। सवाल पर सेक्शन इंजीनियर ने बताया कि आधे से ज्यादा खुले नालों को कवर कर दिया है। शेष पर काम ग्रैप-4 लागू होने के कारण रोक दिया। इस पर एडीसी ने कहा कि इन्हें शीघ्र पूरा करें। कोहरे में हाईवे पर खुले नाले सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। इसके अलावा सफेद पट्टी का कार्य भी जहां नहीं हुआ उसे पूरा करें।
अमर उजाला ने नेशनल हाईवे-44 सहित स्टेट हाईवे और शहर की सड़कों की खामियों को प्रमुखता से उजागर किया था। इन खबरों पर संज्ञान लेते हुए एडीसी ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में हुई बैठक में जवाब तलबी की। अधिकारियों से बोले कि कोहरे से पहले सड़कें क्यों नहीं दुरुस्त कीं।
एडीसी ने कहा कि धुंध का सीजन शुरू हो चुका है, ऐसे में कई जगह सड़कों पर मार्किंग, जेब्रा क्रॉसिंग, रंबल स्ट्रिप्स, साइन बोर्ड इत्यादि नहीं हैं। ऐसे में इन्हें समय रहते दुरुस्त किया जाए। कोहरे से पहले सड़कों को दुरुस्त किया जाना चाहिए।
गलत दिशा में वाहन चलाने के काटे 486 चालान
यातायात नियमों के उल्लंघन पर नवंबर माह में 34752 चालान कर 85.27 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। चालानों में ओवर स्पीड के 10274, बिना हेलमेट के 11807, नशे में वाहन चालने के 80, बिना आरसी के 261, बिना लाइसेंस के 131, बिना नंबर प्लेट के 296, लेन बदलने के 2793, तिपहिया सवारी के 158, गलत दिशा में वाहन चलाने के 486, गलत पार्किंग के 689, लाल बत्ती पार करने के 827, बिना तीसरी पार्टी बीमा के 2221 चालान हुए। इसी प्रकार आरटीए द्वारा नवंबर में 242 चालान करके 1.15 करोड़ रुपये जुर्माना किया गया। शहर में नगर निगम द्वारा चौराहों पर जेबरा क्रॉसिंग बनाने और सफेद पट्टी लगाने का काम किया गया था। एजेंडे में नगर निगम की ओर से रिपोर्ट देने पर एडीसी ने एसडीएम और सड़क सुरक्षा समिति के अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसकी जांच कराई जाए कि क्या यह रोड मार्किंग मानकों के अनुसार हुई है।