संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्णा मंदिर काछवा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम अवसर पर प्रवचन करते हुए श्रीहित जीवन वल्लभ महाराज ने कहा कि जीवन में सत्संग व शास्त्रों में बताए आदर्शो का श्रवण करने से व्यक्ति का जीवन बदल जाता है। हर व्यक्ति को अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा आदि का त्याग कर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करना चाहिए। भगवान का नाम लेने मात्र से ही व्यक्ति भवसागर से पार उतर जाता है।
भगवत कीर्तन करने, ज्ञानी पुरुषों के साथ सत्संग कर ज्ञान प्राप्त करने व अपने जीवन को सार्थक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सत्संग व कथा के माध्यम से मनुष्य भगवान की शरण में पहुंचता है, वरना वह इस संसार में आकर मोहमाया के चक्कर में पड़ जाता है, इसीलिए मनुष्य को समय निकालकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए। बच्चों को संस्कारवान बनाकर सत्संग कथा के लिए प्रेरित करना चाहिए। कलियुग में भागवत साक्षात श्रीहरि का रूप हैं। इस अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में कालूराम रहेजा ने परिवार सहित शिरकत की।