प्रताप स्कूल सामूहिक दुष्कर्म मामले में शुक्रवार को अदालत में दोनों पक्षों की करीब एक घंटे तक बहस हुई। पुलिस ने जहां ब्लैकमेलिंग की आरोपी महिला को रिमांड पर लेने के लिए दलील दी, वहीं बचाव पक्ष ने इसे गैर जरूरी बताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। महिला पक्ष के वकील विनय बंसल और अशोक कपूर ने बताया कि सेशन कोर्ट के रिमांड को लेकर रिविजन आर्डर के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका डाली गई है। इस पर अदालत ने दोबारा से बहस के लिए 31 अगस्त तिथि तय की है।
विदित हो कि नीलोखेड़ी निवासी महिला ने प्रताप पब्लिक स्कूल के संचालक और करनाल के तहसीलदार पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है। दूसरी ओर स्कूल संचालक की ओर से महिला पर ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज कराया गया है। दोनों की मामलों की जांच एसआईटी को सौंपी गयी है। इस बीच 21 अगस्त को पुलिस ने महिला और उसके पति को ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। साथ ही दोनों आरोपियों से सवा सात लाख रुपये बरामद करने का दावा किया। अगले दिन पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश किया और दो दिन का रिमांड मांगा था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं दिये जाने के कारण अदालत ने पुलिस को फटकार लगाई थी और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद पुलिस की ओर से इस मामले में सेशन कोर्ट में रिविजन याचिका दायर की गयी थी। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इसे मंजूरी दे दी थी और इसके लिए 28 अगस्त की तिथि तय की थी। शुक्रवार दोपहर को महिला और उसके पति को प्रोडक्शन वारंट पर अदालत में पेश किया गया। अदालत में दोनों पक्षों की ओर से बहस की गयी। जेएमआईसी एके यादव के सामने महिला के बचाव पक्ष ने बताया कि रिविजन आर्डर को चुनौती देने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस पर अदालत ने इस केस की सुनवाई के लिए 31 अगस्त की तिथि तय कर दी। महिला के वकील विनय बंसल ने बताया कि सोमवार को केस पर बहस होगी।