करनाल। अंबाला की तर्ज पर कर्ण नगरी में भी जल्द शिक्षा सदन की सौगात मिलेगी। रेलवे रोड स्थित सुभाष कॉलोनी में जहां पर वर्तमान में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) का कार्यालय चल रहा है, उसी जगह पर शिक्षा सदन बनाया जाएगा। इसके लिए अंग्रेजों के जमाने के कंडम भवन को गिरा दिया गया है। प्रदेश सरकार से स्वीकृति मिलते ही शिक्षा सदन के भवन निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
करीब तीन एकड़ जमीन पर शिक्षा सदन बनने से विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों के कार्यालय एक ही छत के नीचे आ जाएंगे। इसके बाद शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों को अपने कार्यों के लिए अलग-अलग जगह बने अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर काटने से निजात मिलेगी। वे सभी कार्य एक ही जगह संबंधित अधिकारी के कमरे में जाकर करा सकेंगे। करनाल में 779 सरकारी व सीबीएसई और एचबीएसई के मिलाकर 376 निजी स्कूल हैं। जहां पर करीब ढाई लाख विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। शहर के मध्य में शिक्षा सदन बनने से इन विद्यार्थियों और 25 हजार से ज्यादा शिक्षकों को लाभ होगा।
बड़े सभागार, पार्किंग, कांफ्रेंस हॉल सहित सभी सुविधाएं
शिक्षा सदन में जिला शिक्षा अधिकारी, मौलिक शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा परियोजना के डीपीसी, उप शिक्षा अधिकारी, उप मौलिक शिक्षा अधिकारी और करनाल खंड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों के कमरे होंगे। इसके अलावा बड़े कार्यक्रमों के लिए सभागार, कांफ्रेंस हॉल, वाहन पार्किंग, कैंटीन सहित अन्य जरूरी सुविधाएं भी होंगी। वर्तमान में बीईओ को छोड़कर अन्य अधिकारियों के कार्यालय सेक्टर-12 में हैं। वहीं कार्यक्रमों एवं बैठकों का आयोजन अलग-अलग स्कूलों के हॉल या कमरों में किया जाता है।
पंचकूला में राज्य और अंबाला में है जिला स्तरीय शिक्षा सदन
वर्तमान में पंचकूला में राज्य स्तरीय और अंबाला में जिला स्तरीय शिक्षा सदन है। इसी की तर्ज पर करनाल में शिक्षा सदन बनेगा। जब से शिक्षा विभाग बना है, तभी से विभाग से संबंधित सभी विभागों के कार्यालय अलग-अलग जगह पर हैं। इसके बनने से काफी फायदा होगा।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
प्रस्ताव भेजा गया, स्वीकृति के बाद शुरू होगा काम
शिक्षा सदन बनाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा हुआ है। जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। स्वीकृति मिलते ही भवन निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। फिलहाल बीईओ कार्यालय के कंडम भवन को गिराकर जगह को खाली करवा लिया है।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी