कुरुक्षेत्र में प्रदेश के लोकायुक्त जस्टिक प्रीतम पाल शुक्रवार को धरोहर हरियाणा संग्रहालय देखकर काफी प्रभावित हुए। इसे देखने के बाद उन्होंने कहा कि धरोहर जैसा संग्रहालय विश्व में कहीं और नहीं है। यहां पर पूरे हरियाणा की संस्कृति की झलक एक ही स्थान पर देखने को मिलती है।
लोकायुक्त ने कहा कि हमारी प्राचीन संस्कृति अत्यंत महान थी, जिसका पूरा प्रमाण धरोहर हरियाणा संग्रहालय में देखने को मिलता है। यहां पर जो ग्रामीण काम धंधे की संस्कृति दिखाई गई है। उसका सीधा संबंध वैदिक काल से रहा है। गांव अपने आप में इस तरह से संपूर्ण इकाई के रूप में काम करता था।
वह हू-ब-हू धरोहर में दिखाया गया है। इसके बारे में धरोहर हरियाणा संग्रहालय के प्रभारी डॉ. महासिंह पूनिया ने लोकायुक्त को हरियाणा के शहीदों की गैलरी का अवलोकन भी करवाया, जिसमें उन्होंने हरियाणा के शहीदों के विषय में विस्तार से जानकारी हासिल की।
उन्होंने धरोहर हरियाणा संग्रहालय भाग-दो का अवलोकन करते हुए उन्होंने ग्रामीण विषय वस्तुओं के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की। हरियाणा के परिवहन के साधन, खेती-बाड़ी की वस्तुएं, यज्ञशाला, घेर तथा ग्रामीण काम धंधों के बारे में लोकायुक्त को संग्रहालय के क्यूरेट ने शोधपूर्वक जानकारी प्रदान की।
इससे पूर्व केयू कुलपति डॉ. डीडीएस संधू ने लोकायुक्त का धरोहर हरियाणा संग्रहालय में पहुंचने पर स्वागत किया और संग्रहालय की ओर से उनको यादगार स्वरूप एक स्मृति चिह्न भी भेंट किया। इस मौके पर केयू कुलसचिव डॉ. केएस रल्हाण, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर अनिल विशिष्ट, लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रोफेसर ब्रिजेश सहानी, जनसंचार विभाग के निदेशक प्रोफेसर एसएस बूरा, यूनिवर्सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. केएस अंतिल, प्राचीन इतिहास विभाग के शिक्षक डॉ. राजपाल, लोकसंपर्क विभाग के अधिकारी धर्मबीर सिंह व संग्रहालय प्रभारी डॉ. महासिंह पूनिया सहित अनेक गणमान्य सदस्य मौजूद थे।