- निसिंग, बल्ला और तरावड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधा शुरू, तीनों कस्बों के लिए पहुंचे सीआर सिस्टम
- इससे पहले डार्क रूम सिस्टम के चलते एक से दो दिन बाद मिलती थी रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले के निसिंग, बल्ला व तरावड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को अब 10 मिनट में एक्स-रे की रिपोर्ट मिल सकेगी। ऐसे में मरीजों को अब एक्स-रे की रिपोर्ट लेने के लिए एक से दो दिन तक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि अब तीनों स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित एक्स-रे कक्ष में रिपोर्ट निकालने के लिए डार्क रूम का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तीन कंप्यूटेड रेडियोग्राफी (सीआर) सिस्टम भेजे गए हैं। जिनके उपयोग से तुरंत रिपोर्ट मिल सकेगी।
कम समय में बेहतर इलाज
सिविल सर्जन कार्यालय की बायोमेडिकल इंजीनियर संजू ने बताया कि तीनों कस्बों के स्वास्थ्य केंद्रों में कंप्यूटेड रेडियोग्राफी (सीआर) सिस्टम लगने के बाद यहां पर एक्स-रे करवाने के लिए आने वाले मरीजों को कम समय में बेहतर इलाज मिल सकेगा। उन्हें एक काम के लिए बार-बार स्वास्थ्य केंद्र में आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले अब तक जिले के तीनों कस्बों के स्वास्थ्य केंद्रों में डार्क रूम का उपयोग किया जा रहा है। जिस कारण एक्स-रे को फिल्म पर उतारने के लिए एक से दो दिन का समय लग रहा है।
इसके साथ-साथ तीनों कस्बों के मरीजों को एक्स-रे करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में नहीं आना पड़ेगा और न ही अन्य निजी अस्पतालों में एक्स-रे के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी।
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ये है सीआर सिस्टम
एक्स-रे मशीन का सीआर सिस्टम, कंप्यूटेड रेडियोग्राफी (सीआर) तकनीक पर काम करता है। इस तकनीक में फिल्म की जगह एक इमेजिंग प्लेट को एक्स-रे या गामा विकिरण के संपर्क में लाया जाता है। फिर स्कैनर की मदद से इमेजिंग प्लेट को डिजिटलीकृत किया जाता है। इसके बाद, इसे तुरंत दोबारा इस्तेमाल के लिए मिटा दिया जाता है। फिर डिजिटल छवि को एक खास सॉफ्टवेयर की मदद से मूल्यांकन के लिए कंप्यूटर मॉनिटर पर दिखाया जाता है।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के लिए वे निरंतर कार्य कर रहे हैं। इसी कड़ी में तीन नए सीआर सिस्टम मंगवाए गए हैं। जिन्हें निसिंग, बल्ला व तरावड़ी के स्वास्थ्य केंद्रों के एक्स-रे कक्ष में स्थापित किया जाएगा। इसके प्रयोग से मरीजों को एक्स-रे करवाने के 10 मिनट में रिपोर्ट मुहैया कराई जाएगी। इससे एक तरफ मरीजों का समय बचेगा और दूसरी तरफ मरीजों को इलाज कराने व दवा लेने के लिए दोबारा अस्पताल नहीं आना पड़ेगा।
- डॉ. कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, करनाल