करनाल। शहर के चौराहों पर बाई ओर मुड़ने वाले वाहनों को अब लाल बत्ती होने पर रुकना नहीं पड़ेगा। प्रशासन की ओर से सभी चौराहों पर स्लीप वे के साथ लगती पहली लेन पर 10 मीटर तक फ्लैक्सीबल पोस्ट लगाए जाएंगे ताकि लाल बत्ती होने पर सीधे जाने वाले वाहन इस लेन में न खड़े हों और चौक से बाई ओर जाने वाले वाहनों के लिए रास्ता खुला रहे।
सड़क सुरक्षा समिति से चर्चा के बाद शहर के 20 चौराहों पर बने स्लीप वे पर फ्लैक्सीबल पोस्ट लगाने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की ओर से यह कार्य किया जाएगा। जेब्रा क्रॉसिंग बनाने के बाद टीम इस काम को शुरू करेगी। वर्तमान में आंबेडकर चौक पर महात्मा गांधी चौक से आ रही सड़क पर नई बनी लेन पर इस तरह के फ्लैक्सीबल पोस्ट लगाए गए हैं। इसी तर्ज पर शहर के अन्य चौराहों पर भी स्लीप वे के साथ लगती लेन को टर्न लेन के रूप में तैयार किया जाएगा। शहर के इन चौराहों से 24 घंटे में 40 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। जिनके लाल बत्ती होने पर ब्रेक लगते हैं।
इन चौराहों पर रहती है ज्यादा जाम की स्थिति
नेशनल हाईवे-44 पर बलड़ी चौक, आईटीआई चौक, सेक्टर-12 निर्मल कुटिया चौक, सेक्टर-14 ब्रह्मानंद चौक, ताऊ देवी लाल चौक, नमस्ते चौक, सेक्टर-12 में लघु सचिवालय टी-प्वाइंट, शहीद मदन लाल ढींगड़ा चौक, आंबेडकर चौक, महात्मा गांधी टी-प्वाइंट और पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस टी-प्वाइंट पर दिन भर जाम रहता है। इसलिए यहां स्लीप वे बनाए गए थे ताकि बाई ओर जाने वाले वाहन आसानी से निकल सकें लेकिन अब ट्रैफिक लाइटें लगने के बाद स्लीप वे के कट के आगे भी जाम के कारण वाहन खड़े हो जाते हैं।
फायदा : चौराहों पर खड़े होने वाले वाहनों की संख्या घटेगी
सड़क सुरक्षा कमेटी के सदस्य संदीप लाठर और तेजपाल का कहना है कि चौराहों पर लाल बत्ती होने पर अब वाहन रुकने लगे हैं। कई वाहन चालक बायीं तरफ की पहली लेन में ही वाहन खड़े कर लेते हैं, इससे पीछे अन्य वाहनों की कतार लगती है। इस कारण स्लीप वे का रास्ता बंद हो जाता है। ऐसे में उन वाहनों को भी रुकना पड़ता है जिन्हें बायीं तरफ मुड़ना है। फ्लैक्सीबल पोस्ट लगने से लेन रिजर्व रहेगी और लोगों को रास्ता भी मिलेगा। इससे चौराहों पर खड़े होने वाले वाहनों की संख्या भी घटेगी।
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने चौराहों के स्लीप वे पर फ्लैक्सीबल पोस्ट लगाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए चौराहे चिह्नित कर लिए हैं। जेब्रा क्रॉसिंग बनाने का कार्य पूरा होने के बाद यह कार्य शुरू हो जाएगा।
- सुनील भल्ला, एमई नगर निगम