शहर की कॉलोनियों में किसी विशेष जगह पर लगने वाले कचरे के ढेर कुछ दिनों बाद दिखाई नहीं देंगे। नगर निगम कचरा मुक्त शहर बनाने के लिए ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है कि घर से निकलने वाला कचरा अब डंपिंग प्वाइंट की जगह सीधे कचरा प्रबंधन प्लांट पर जाएगा। इस कार्य के लिए नगर निगम को मुख्यालय से प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। अब योजना को सिरे चढ़ाने के लिए काम शुरू कर दिया गया है।
घर-घर से कूड़ा एकत्र करने से लेकर शेखपुरा स्थित सॉलिड वेस्ट प्लांट तक पहुंचाने और उसकी प्रोसेसिंग करने का कार्य किसी एजेंसी को एक वर्ष के लिए देने का निर्णय लिया गया है। शुक्रवार को निविदाएं आमंत्रित करने से पहले इस काम को करने वाली एजेंसियों को बुलाकर एक प्री बिड मीटिंग की जाएगी। खास बात यह है कि इसके लिए शहर में कचरे के लिए बनाए गए सभी सेकेंडरी प्वाइंट खत्म किए जाएंगे। यानी रोजाना घर से पृथक कूड़ा-कचरा सीधे प्रोसेसिंग के लिए प्लांट में जाएगा। यह कार्य एजेंसी अपने संसाधन तंत्र से करेगी।
निगम आयुक्त नरेश नरवाल ने बताया कि प्री बिड मीटिंग में एजेंसियों के साथ मॉडल आरएफपी पर चर्चा की जाएगी। जिसमें कार्य का विवरण, नियम एवं शर्तें, दंड का प्रावधान और कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। एजेंसियों से उचित सुझाव भी लिए जाएंगे। प्री-बिड मीटिंग के बाद ई-निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। इन प्रक्रियाओं में विशेष होगा कि एजेंसी सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2016 व प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2016 का शत प्रतिशत अनुपालन करने के लिए बाध्य होगी।
शहर से रोजाना अनुमानित 180 टन कचरा निकलता है। इसके उचित निस्तारण को ओर बेहतर बनाया जाएगा। शिकायतों के समाधान के लिए एजेंसी की ओर से एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जाएगा। निर्धारित समय में शिकायत का समाधान करना होगा। एजेंसी शेखपुरा स्थित प्लांट में ही एजेंसी एमआरएफ यानी मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर भी बनाएगी, जिसमें रियूजेबल (पुन प्रयोज्य) और रिसाइकल किए जा सकने वाले पदार्थ अलग-अलग किए जाएंगे। शेष कचरे का निष्पादन किया जाएगा।